Pehchan Faridabad
Know Your City

हरियाणा IAS रानी नागर को सांसद कृष्णपाल गुर्जर का मिला साथ , FB पर किया था इस्तीफ़ा देने का ऐलान

लॉकडाउन के बाद इस्तीफा देने की सार्वजनिक घोषणा करके हरियाणा कैडर वर्ष 2014 बैच की IAS अफसर रानी नागर चर्चा का केन्द्र बनी हुई हैं रानी नागर के समर्थन में फरीदाबाद के राजनैतिक दलों के नेता भी सामने आए है । इसी कड़ी में फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुर्जर ने रानी नागर के मामले में उच्च स्तर की जांच की बात कही हैं ।

रानी नागर का अपनी नॉकरी से इस्तीफ़ा देने का मामला अब सरकार के लिए मुसीबत बन गया हैं Ias रानी नागर उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद की रहने वाली हैं रानी ने गुरुवार सुबह करीब 5 बजे अपने फेसबुक पोस्ट के जरिये लॉकडाउन के बाद इस्तीफा देने की बात कही है. यही नहीं उन्होंने अपनी फेसबुक वॉल पर अपनी बहन के साथ एक वीडियो पोस्ट किया. इस पोस्ट के बाद वो अचानक चर्चा में आ गई हैं.

फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुर्जर के संज्ञान में आते ही उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सभी को आस्वाशन दिया हैं कि आईएएस रानी नागर के अधिकारो को किसी प्रकार का हनन नही होने दिया जाएगा

दरअसल रानी नागर ने आरोप लगाया था कि आईएएस अधिकारी सुनील गुलाटी उनका उत्पीड़न शोषण व जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और उनकी व बहन की जान को खतरा है।

पूर्व कांग्रेसी विधायक ललित नागर ने भी दिया साथ
तिगांव विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेसी विधायक ललित नागर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व चीफ सेक्रेटरी से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच करवाकर इसे सार्वजनिक करने की मांग की, जिससे कि लोगों को इस मामले की सच्चाई का पता लग सके।

आम आदमी पार्टी के धर्मबीर भड़ाना भी आगे आये
इसी कड़ी में फरीदाबाद से आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं पाली क्रेशर जोन के प्रधान धर्मबीर भड़ाना ने इसे निंदनीय बताया है और कड़े
शब्दों में इसकी निंदा की है। भड़ाना का कहना है कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार में जब एक आईएएस रैंक की महिला अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा का दावा कैसे किया जा सकता है।

गुर्जर ने कहा कि मैं सभी को भरोसा दिलाता हूँ कि रानी नागर बिटिया के हितों पर किसी क़िस्म की आँच नहीं आने दी जाएगी। हरियाणा सरकार महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण के लिए अति संवेदनशील है। मेरा परिवार वालों से भी आग्रह है कि वह बिटिया को इस्तीफ़ा जैसे कदम न उठाने के लिए समझाएं।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More