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किसानों के हितकारी हैं तीनों कृषि कानून, विरोध विपक्ष द्वारा प्रायोजित : कृष्णपाल गुर्जर

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीनों कृषि कानून किसानों के हित में हैं और किसानों की आय को दोगुना करने में यह मील का पत्थर साबित होंगे। इन कानूनों का कोई भी किसान विरोध नहीं कर रहा बल्कि जो भी विरोध हो रहा है वह विपक्षी पार्टियों द्वारा प्रायोजित है। वह गुरुवार को सेक्टर-11 स्थित भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि इन कृषि कानूनों से किसान आत्मनिर्भर, सशक्त और मजबूत होंगे और इन कानूनों के लागू होने से आने वाले तीन वर्षों में किसानों की आय भी दोगुनी होगी। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में किसानों के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय सरकार और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने लिए हैं। इनमें सोईल हैल्थ कार्ड, फसल बीमा योजना, किसानों के खाते में छह हजार किसान सम्मान राशि हर वर्ष देने सहित कई योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आज विपक्ष हताश व निराश है और वह किसानों को भडक़ाकर अपना वोट बैंक बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसान अपने दोस्त व दुश्मन को पहचानते हैं और वह कभी भी विपक्ष के बहकावे में नहीं आएंगे।

एमएसपी पर बोलते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि न ही एमएसपी खत्म होगा और मंडियों की व्यवस्था भी पहले की तरह ही बनी रहेगी। खुले बाजार का एक विकल्प किसानों को दिया है और इससे जहां उनकी फसल के महंगे दाम मिलेंगे वहीं बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद किसानों की किसी ने भी चिंता नहीं की और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हित के लिए यह कदम उठाए हैं। इससे अंतरराज्जीय बाजार को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फसल खरीद के दौरान आद्रता (नमी) भी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 19 प्रतिशत कर दी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 में गेहूं की एमएसपी 1400 रुपये थी और आज वर्ष 2020-21 में यह बढक़र 1975 रुपये हो गई है। इसमें 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। धान की एमएसपी 2013-14 में 1310 रुपये थी और आज 2020-21 में आज 1868 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि आज वर्ष 2013-14 के मुकाबले वर्ष 2020-21 में मसूर में 73 प्रतिशत, उडद में 40 प्रतिशत, मूंग में 60 प्रतिशत, अरहर में 40 प्रतिशत, सरसों में 52 प्रतिशत, चना में 65 प्रतिशत, मूंगफली में 32 प्रतिशत एमएसपी में बढ़ोतरी हुई है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने वर्ष 2013-14 के मुकाबले खरीद के आंकड़े भी पत्रकारों के सामने प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि इस अवधि में गेहूं की 36 प्रतिशत, धान की 114 प्रतिशत, उडद की 294 प्रतिशत, अरहर की 994 प्रतिशत अधिक खरीद की गई है। उन्होंने कहा कि अगर खरीद के आंकड़ों की बात की जाए तो वर्ष 2013-14 में पिछली सरकार ने 33871. 50 करोड़ रुपये की गेहूं की खरीद की थी और अब 2020-21 में 62802.88 करोड़ रुपये का गेहूं सरकार ने खरीदा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 में 47851.87 करोड़ रुपये के धान की खरीद की गई थी लेकिन वर्तमान सरकार ने वर्ष 2020-21 में 139841.68 करोड़ रुपये की रिकार्ड धान की खरीद की है और इस रकम में 192 प्रतिशत की बढोतरी हुई है। इस अवसर पर उनके साथ बडख़ल की विधायक सीमा त्रिखा, फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा भी मौजूद थे।

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