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92 साल की उम्र में प्राप्त की डॉक्टरेट उपाधि, समाज सेवा के पथ पर हैं अग्रसर

छबील दास भाटिया फरीदाबाद में समाजसेवा के क्षेत्र में इतना नाम कमा चुके हैं कि अब कोई भी सम्मान यदि उन्हें दिया जाता है तो कहा जाएगा कि वह सम्मान ही सम्मानित हो रहा है। लगभग 92 वर्षीय श्री भाटिया को विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी फार सेल्फ एम्लाएमेंट, एम‌एच‌आरडी भारत सरकार ने सोशल वर्क के लिये डाक्टर की डिग्री से सम्मानित किया है।

वास्तव में यह सम्मान तो उन्हें बहुत वर्ष पहले, या ऐसा कहिए कि दो दशक पहले मिलना चाहिए था। 10 जुलाई 1948 को देश के बंटवारे में आज के पाकिस्तान के क्षेत्र में लाखों शरणार्थियों की तरह खाली हाथ फरीदाबाद आए श्री भाटिया के पास मानव सेवा एवं समाज कल्याण की भावना रूपी धन के अतिरिक्त और कुछ नहीं था।

92 साल की उम्र में प्राप्त की डॉक्टरेट उपाधि, समाज सेवा के पथ पर हैं अग्रसर
92 साल की उम्र में प्राप्त की डॉक्टरेट उपाधि, समाज सेवा के पथ पर हैं अग्रसर

उन्होंने परिवार के भरण-पोषण के लिये एक छोटी सी दुकान से अपना व्यवसाय आरंभ किया। भाटिया जहां परिवार के लिये परिश्रम करते रहे, वहीं पर मानव सेवा एवं समाज कल्याण के लिये भी हर संभव प्रयास करते। श्री भाटिया ने शहर के 4-5 साथियों को लेकर भाटिया सेवक समाज की नींव रखी।

1 वर्ष के भीतर भाटिया सेवक समाज ने शहरवासियों का दिल जीत लिया। विधिवत रूप से एक संगठन बनाया गया और छबील दास भाटिया को भाटिया सेवक समाज का पहला प्रधान सर्वसम्मति से चुना गया। निरंतर 36 वर्ष तक आप भाटिया सेवक समाज के प्रधान चुने जाते रहे और वर्तमान में भी संस्था के चेयरमैन के रुप में मार्गदर्शन कर रहे हैं और।

इधर श्री छबील दास भाटिया की छोटी सी दुकान धीरे-धीरे प्रगति करते एक उद्योग में परिवर्तित हो गई। श्री भाटिया ने इन वर्षों में यहां अपने व्यवसाय को अपनी मेहनत से आगे बढ़ाया वहीं भाटिया सेवा समाज को भी मानव सेवा व समाज कल्याण के कार्यों में इतनी ख्याति दिलाई जिसकी गूंज हरिद्वार के कुंभ मेले तक पहुंची।

92 साल की उम्र में प्राप्त की डॉक्टरेट उपाधि, समाज सेवा के पथ पर हैं अग्रसर
92 साल की उम्र में प्राप्त की डॉक्टरेट उपाधि, समाज सेवा के पथ पर हैं अग्रसर

आपके कार्यकाल में भाटिया सेवक समाज ने 68 रक्तदान शिविर, 100 से अधिक आंखों के जांच के शिविर और 200 से अधिक कार्यक्रम सामाजिक चेतना हेतु आयोजित किए। दिग्गज व्यक्तित्व (लीजैंड) को आंत्रेप्यूनरशिप अवार्ड 2004, सद्भावना अवार्ड 2007, इनोवेशन अवार्ड 2008, ग्रीन टैक्रोलोजी अवार्ड 2008, एसएमई एक्सीलैंसी अवार्ड 2009, परिवर्तन अवार्ड 2011, राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए गए है।

आज भाटिया सेवा समाज एक स्कूल, आंखों का अस्पताल एवं अन्य सेवाएं समाज को दे रहा है और आपके बेटे बी आर भाटिया फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान हैं। इस सबके पीछेे श्री छबील दास भाटिया की अथक मेहनत एवं तपस्या ही कही जाएगी। ईश्वर मानव ऋषि छबील दास भाटिया को जिंदगी का शतक प्रदान करें, यह शुभचिंतकों की कामना है।

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