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पहले गणपति ने बचाई लाज, अब नवरात्री पर माँ का है सहारा: फरीदाबाद के मूर्तिकार

शारदीय नवरात्र बस कुछ ही दिन में शुरू होने वाले हैं और एक बार फिर बाज़ारों में चकाचौंध दिखाई देगी। माँ की मनमोहक प्रतिमाओं से महकेंगे बाज़ार और सजावट के सामानों से एक बार फिर बाज़ार में रौनक लगेगी। महामारी के चलते चैत्र नवरात्र के दिनों में आर्थिक मंदी से जूझते मजदूरों को इस बार शारदीय नवरात्र में भरपाई की उम्मीद है। बीते नवरात्र में लॉक-डाउन की स्थिति के कारण छोटे दुकानदारों स्टॉक भी पड़ा हुआ है, जो वो इस नवरात्री में निकालने की सोच रहे हैं।

इतना ही नहीं, साज-सजावट के सामान के साथ बाज़ारों में अब मिटटी की मूर्तियों से भी चार चाँद लगने लगे हैं। बाज़ारों में मिटटी की बनी लक्ष्मी-गणेश और माँ की सुंदर प्रतिमाओं से बाज़ार मेहकना शुरू हो गया है। माँ के प्रति अटूट श्रद्धा और विशवास रखने वाले लोगों को इस बार बाज़ारों में देश में ही निर्मित पूजा की सामग्री खरीदने को मिलेगी। राष्ट्रवादियों ख़ुशी की बात यह भी रहेगी कि चीन के सामान के नाम पर पुराना ही स्टॉक दिखेगा। अन्य कुछ भी नया सामान इस बार चीन से भारतीय बाज़ारों को नहीं मिल पायेगा।

चीन से सामान देश में न आने से, भारत के कर्मठ मजदूरों को रोज़गार और कमाई की अच्छी उम्मीद है। सालों से दूकान लगा रहे गोविंद गर्ग ने बताया कि चैत्र नवरात्र में भारी नुक्सान उठाना पड़ा है।

बिक्री न होने के कारण आधे से ज़्यादा सामान बच गया साथ ही नारियल व सजावट का सामान खराब हो गया है। इतना ही नहीं, गर्ग का यह भी कहना है कि गोदाम में रखे सामान का किराया भी 6 महीने जेब से भरना पड़ा है। पर बार गर्ग जैसे कई दुकानदारों का मजदूरों को कमाई की उम्मीद है।

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