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पहले नही समझी मजबूरी अब सीएम मांग रहे है मदद ‘बिना मजदूर कैसे खुलेगे उद्योग

श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलने के साथ ही मजदूर अब अपने घर लौटने लगे हैं। और यह उद्योग जगत के लिये बड़ी समस्या हो गई है। यदि मजदूर गांव लौट गये तो फिर फैक्ट्री कैसे चलेंगे। स्थिति को गंभीरता को समझते हुए सीएम, मंत्री सब मजदूरों से अपील करने लगे हैं कि वे घर न जायें। उद्योग धंधे जल्द शुरू हो जायेंगे और सबको काम मिल जायेगा।

हरियाणा की सरकार भी आने वाले संकट को समझ गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि उद्योग शुरू हो गए हैं, जो नहीं खुले हैं वो भी कल से शुरू हो जाएंगे, इसलिए मैं प्रवासी श्रमिकों से अनुरोध करता हूं कि आप अभी अपने घर न जाएं, आपको यहां कोई परेशानी नहीं आएगी। हम हर संभव मदद करेंगे।
सरकार ने अपने जिला अधिकारियों से कहा है कि वे मजदूरों की पहचान करके उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश करें कि जल्द ही काम शुरू होने वाला है।

अब सोचने बात यह हैं की जब तक उद्योग धंधे बन्द थे तब मजदूर को रोटी के लिये भी दर दर भटकने के लिए मजबूर किया , सरकार चाहे कितने ही दावे करती हो कि मदद की गई हैं पर इन लोगो तक मदद नही मिली । जिससे मजदूर भूखे मरने की नोबत आ गई । इससे वो लोग अपने घर जाने को मजबूर हो गया ।

वही सरकार का कहना हैं कि मजदूरों की सभी जरूरतों का ध्यान रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना के चलते लगे प्रतिबंधों के खत्म हो जाने के बाद आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी, तो मजदूरों को फिर काम मिलना शुरू हो जाएगा। तब तक सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि कोई भी मजदूर भूखा नहीं रहे । ठेकेदारों, बिल्डरों, ट्रेड यूनियन और कार्यकर्ताओं का कहना है कि इनमें से लगभग 50 प्रतिशत मजदूर अपने गांवों को लौट जाएंगे। जिसका असर शहर की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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