Pehchan Faridabad
Know Your City

फरीदाबाद को निगल रहा है प्रदूषण, बुजुर्गों को सता रहा है बाहर निकलने का डर

प्रदूषण के स्तर में आए दिन इजाफा हो रहा है और पूरा क्षेत्र इस परेशानी की मार झेल रहा है। आपको बता दें कि पिछले कई हफ़्तों से प्रदूषण का दर बढ़ता जा रहा है। हवा की गुणवत्ता खराब हो चुकी है और जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बात की जाए स्मार्ट सिटी की तो काफी समय से फरीदाबाद प्रदूषण की चपेट में है।

हमेशा से ही शहर को प्रदूषण स्तर के इजाफे में शीर्ष 5 का पायदान मिलता आ रहा है। चाहे साफ़ सफाई हो या फिर प्रदूषण का दर शहर की जनता को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिन की बात की जाए तो हवा की गुणवत्ता का मापदंड काफी खराब रहा।

कल पूरे क्षेत्र में प्रदूषण का दर 410 की मात्रा में रहा। इससे पूर्व भी बुधवार को पूरे क्षेत्र में प्रदूषण की मात्रा काफी ज्यादा थी। पूरे क्षेत्र में कोहरनुमा प्रदूषण पाया गया जिसने फरीदाबाद की जनता की आँखे भी जलाई। प्रदूषण के चलते बुज़ुर्ग लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। क्षेत्र में जो लोग सुबह भ्रमण के लिए जाया करते थे वो अब बाहर निकलने से बच रहे हैं।

जो लोग अस्थमा की बिमारी से परेशान है उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें हो रही हैं। कुछ महीने पहले एक सर्वे में पाया गया था कि फरीदाबाद का सबसे प्रदूषित क्षेत्र एनआईटी है। एनआईटी में बढ़ते प्रदूषण का मुख्य कारण वहां पर स्थापित हो चुकी फैक्ट्री को बताया जा रहा है।

क्षेत्र में प्रदूषण के बढ़ने का एक मुख्य कारण किसानों द्वारा जलाई जाने वाली पराली को भी बताया जा रहा है। फरीदाबाद के इर्द गिर्द कई गाँव है जहां पर किसान समुदाय काम करता है। ऐसे में उनके द्वारा फसल काटने के बाद पराली जलाए जाने से भी क्षेत्र में प्रदूषण बड़ जाता है।

राजधानी से सटा शहर फरीदाबाद चारों और से व्यस्त शहरों से घिरा हुआ है। ऐसे में इन शहरों में होने वाला प्रदूषण भी क्षेत्र के प्रदूषण दर को बड़ा देता है। आपको बता दें कि प्रशासन क्षेत्र में बड़ते प्रदूषण की कवायद को लेकर व्यस्त हो चुका है। रोज एयर क्वालिटी इंडेक्स पर प्रदूषण के स्तर में इजाफा होता है। प्रशासन द्वारा नियमित रूप से आला कदम उठाए जा रहे हैं।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More