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त्योहारों में और भी कढ़े होंगे नियम,अगर इस नियम का नहीं किया पालन तो कट सकता है इतने हजार तक का चालान

त्योहारों के सीज़न और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा सर्दी के मौसम में कोरोना मामलों में वृद्धि होने की संभावना के चलते हरियाणा के मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन ने जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को कोविड-19 के संबंध में लोगों को जागरूक करने, टेस्टिंग में वृद्धि करने और मास्क न पहनने वालों के खिलाफ चालान ड्राइव में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

विजय वर्धन आज यहां ‌वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों के साथ कोविड-19 की स्थिति पर समीक्षा कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को निर्देश ‌देते हुए कहा कि वे अपने-अपने जिला के सीएमओ को निर्देश जारी करें कि जब भी कोविड-19 पॉजीटिव मरीज को होम आइसोलेशन की सलाह दी जाती है, उस समय उन्हें कोविड किट के साथ पल्स ऑक्सीमीटर अवश्य दिया जाए। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि मास्क न पहनने वालों के चालान करने की प्रक्रिया को सख्ती से अमल में लाया जाए।

ग्रामीण क्षेत्र में मास्क न पहनने वालों के चालान करने के अधिकार कानूनगो, पटवारी और ग्राम सचिवों को दिए जाएं।
श्री विजय वर्धन ने कहा कि त्योहारों को देखते हुए बाजारों में भीड़-भाड़ न हो इसके आवश्यक प्रबंध किए जाएं। ‌यदि संभव हो तो बाजार से थोड़ा दूर अस्थाई पार्किंग की व्यवस्था की जाए ताकि दुकानों के आगे अधिक भीड़ न हो। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि सभी बैंक्वेट हॉल, होटल, फार्म हाउस संचालकों को समझाएं कि वह अपने परिसरों में ज्यादा भीड़ इकट्ठा न होने दें।

मुख्य सचिव ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने को आईईसी गतिविधियों में तेजी लाने तथा जिला स्तर पर कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार योजना कार्यान्वित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी आईईसी गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रदेश में चलाए जा रहे कोविड ऐप्रोप्रिऐट व्यवहार अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए विशेष तौर पर पुलिस, शहरी स्थानीय निकाय और विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव का सबसे अहम उपाय सावधान और सतर्क रहना है। इसके लिए लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है ताकि लोग इस संकट के समय की गंभीरता को समझें और सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें।

बैठक में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के ‌अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक श्री अशोक कुमार मीणा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग की महानिदेशक अमनीत पी. कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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