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बुद्ध पुर्णिमा पर बोले पीएम सभी कोरोना फाइटर्स का करे सम्मान

बुद्ध पुर्णिमा पर बोले पीएम सभी कोरोना फाइटर्स का करे सम्मान :- बौद्ध और हिंदुओं द्वारा मनाए जाने वाले महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक, बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध जयंती, भगवान बुद्ध के जन्मदिन – भगवान विष्णु के नौवें अवतार के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने अहिंसा (अहिंसा) और सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया की शिक्षा देने के लिए लगभग 2,500 वर्षों में पृथ्वी पर दिखाई दिए। यह दिन पूरे एशिया में मनाया जाता है और अनुयायी तैयारी शुरू कर देते हैं, दिन पहले से।

जैसा कि नाम से पता चलता है, यह एक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस साल यह 7 मई को मनाया जाएगा। कहा जाता हैं कि हिन्‍दू धर्म में महात्‍मा बुद्ध को सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्‍णु का नवां अवतार माना जाता है. वहीं, बुद्ध ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्‍त कर बौद्ध धर्म की स्‍थापना की थी. यही वजह है कि हिन्‍दू और बौद्ध धर्म के लोग गौतम बुद्ध को भगवान मानते हैं

बुद्ध पूर्णिमा पर बोले प्रधानमंत्री

बुद्ध पूर्णिमा पर हर साल कई तरह के आयोजन होते हैं. लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करके दान-पुण्य करते हैं. इस बार चूंकि कोरोना के संक्रमण के चलते देशभर में लॉकडाउन है. ऐसे में लोग गंगा स्नान करने नहीं जा सकते हैं. ज्योतिषियों के अनुसार अपने घर में ही पवित्र गंगा का मन ही मन स्मरण करते हुए स्वच्छ जल से स्नान करें. बाहर जाने से बचें.

पूर्णिमा के दिन गुरु और शनि मकर राशि में रहेंगे. मंगल कुंभ राशि में, राहु मिथुन राशि में, केतु धनु राशि में रहेगा. गुरु नीच का है और यह मकर राशि में रहेगा. ग्रहों का यह प्रभाव लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है. चंद्रमा और सूर्य एक दूसरे के सामने हैं. इससे लोगों को कई व्याधियों से छुटकारा मिल सकता है. वहीं उथल-पुथल का माहौल भी हो सकता है.

बुद्ध पुर्णिमा पर बोले पीएम सभी कोरोना फाइटर्स का करे सम्मान
बुद्ध पुर्णिमा पर बोले पीएम सभी कोरोना फाइटर्स का करे सम्मान

कोरोना फाइटर्स का करें सम्मान

बुद्ध सिर्फ नाम नहीं, पवित्र विचारपीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि बुद्ध किसी एक परिस्थिति तक सीमित नहीं हैं। आज भी उनकी सीख हमारे जीवन में निरंतर प्रवाह में रहा है। बुद्ध सिर्फ एक नाम नहीं हैं बल्कि एक पवित्र विचार भी हैं।

जो प्रत्येक मानव के दिल में धड़कता है। मानवता का मार्गदर्शन करता है। बुद्ध त्याग और तपस्या की सीम हैं। बुद्ध सेवा के पर्याय हैं। बुद्ध वो हैं तो स्वयं को तापकर, खपाकर खुद को न्यौछावर करके पूरी दुनिया में आनंद फैलाने के लिए आए।

उन्होंने कहा, ”आप सभी को और विश्वभर में फैले भगवान बुद्ध के अनुयायियों को बुद्ध पूर्णिमा की, वेसाक उत्सव की बहुत-बहुत शुभकामनाएं.” पीएम मोदी ने कहा, ”भगवान बुद्ध का वचन है- मनो पुब्बं-गमा धम्मा, मनोसेट्ठा मनोमया, यानि, धम्म मन से ही होता है, मन ही प्रधान है, सारी प्रवृत्तियों का अगुवा है.

आपके बीच आना बहुत खुशी की बात होती, लेकिन अभी हालात ऐसे नहीं हैं. इसलिए, दूर से ही, टेक्नोलॉजी के माध्यम से आपने मुझे अपनी बात रखने का अवसर दिया, इसका मुझे संतोष है.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ और कुशीनगर के अलावा श्रीलंका के श्री अनुराधापुर स्तूप और वास्कडुवा मंदिर में हो रहे समारोहों का इस तरह एकीकरण, बहुत ही सुंदर है. हर जगह हो रहे पूजा कार्यक्रमों का ऑनलाइन प्रसारण होना अपने आप में अद्भुत अनुभव है.

आपने इस समारोह को कोरोना वैश्विक महामारी से मुकाबला कर रहे पूरी दुनिया के कोरोना फाइटर्स हेल्थ वर्कर्स और दूसरे सेवा-कर्मियों के लिए प्रार्थना सप्ताह के रुप में मनाने का संकल्प लिया है. करुणा से भरी आपकी इस पहल के लिए मैं आपकी सराहना करता हूं”

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