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ठंड में ठिठुरने के लिए मजबूर हुए प्रवासी, बल्लभगढ़ को इस बार भी नहीं मिल पाएगा रैन बसेरा

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बल्लभगढ़ में यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेट्रो स्टेशन व बस अड्डे के नजदीक प्रवासी लोगों को रात गुजारने के लिए अभी फ्लाईओवर के नीचे बने रैन बसेरे में ही रात काटनी होगी। बस अड्डे के पास एक हजार वर्ग गज में बनाए जा रहे स्थाई रैन बसेरे के निर्माण कार्य पर फिलहाल विराम लग चुका है।

काम बीच मझधार में लटक चुका है जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि इस निर्माण कार्य में करीब डेढ़ करोड़ रूपये लग रहे हैं। आपको बतादें कि बल्लबगढ़ मेट्रो स्टेशन के पास यात्रियों के रहने के लिए किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में दूर से सफर करने वाले यात्रियों को सर्दियों के दिनों में और भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ठंड में ठिठुरने के लिए मजबूर हुए प्रवासी, बल्लभगढ़ को इस बार भी नहीं मिल पाएगा रैन बसेरा

यात्रियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अस्थाई रूप से फ्लाईओवर के नीचे रैन बसेरे का निर्माण करवाया हुआ है। इस रैन बसेरे में केवल 10 लोग रह सकते हैं। पर परेशानी से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोग रैन बसेरे के अंदर निवास करते हैं।

ठंड में ठिठुरने के लिए मजबूर हुए प्रवासी, बल्लभगढ़ को इस बार भी नहीं मिल पाएगा रैन बसेरा

लोगों को हो रही परेशानी को संज्ञान में लेते हुए क्षेत्र के विधायक मूलचंद शर्मा ने वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आगे मांग रखी थी। अब मांग को पूर्ण करते हुए रैन बसेरे का निर्माण करवाया जा रहा है। आपको बता दें कि क्षेत्र में बनने वाले इस रैन बसेरे में 2 मंजिले होंगी।

ठंड में ठिठुरने के लिए मजबूर हुए प्रवासी, बल्लभगढ़ को इस बार भी नहीं मिल पाएगा रैन बसेरा

इसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग अलग हॉल होंगे। साथ ही साथ इस रैन बसेरे में स्टोर रूम, किचन और लॉन की भी व्यवस्था की जाएगी। रैन बसेरे के निर्माण का जिम्मा नगर निगम के पास है ऐसे में निगम के संयुक्त आयुक्त अमरदीप जैन ने बताया कि निर्माण कार्य को शुरू कर दिया गया है।

ठंड में ठिठुरने के लिए मजबूर हुए प्रवासी, बल्लभगढ़ को इस बार भी नहीं मिल पाएगा रैन बसेरा

निगम द्वारा निर्माण किए जा रहे इस रैन बसेरे में 100 से अधिक लोग ठहर सकते हैं। बसेरे के निर्माण कार्य की बात की जाए तो फिलहाल वह अधर में लटका हुआ है। बताया जा रहा है कि तकनीकी दिक्कत के कारण काम बीच में रुक गया है।

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