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प्रत्येक जिले में मॉडल कौशल केन्द्र स्थापित किए जाएंगे हरियाणा के परिवहन मंत्री का बयान

हरियाणा के कौशल विकास तथा औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि उपलब्ध बुनियादी ढांचे का प्रयोग करके प्रत्येक जिले में मॉडल कौशल केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इन केन्द्रों में स्थानीय स्तर के कौशल की जरूरतों के हिसाब से प्रशिक्षण दिया जाएगा और स्थानीय उद्यमियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।

श्री मूलचंद शर्मा आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्री विश्वकर्मा विश्वविद्यालय, दुधौला (पलवल) के दूसरे स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे। केंद्रीय कौशल विकास उद्यमशीलता मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडे ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही इस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।

इसके अलावा, विश्वविद्यालय के कुलपति श्री राज नेहरू, हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के चेयरमैन श्री नयनपाल रावत, पूर्व क्रिकेटर चेतन शर्मा तथा समेत कई विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर भी इस समारोह से जुड़े। हरियाणा कौशल विकास मिशन के मुख्य कौशल अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा भी मौजूद रहे।

कौशल विकास मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय की आधारशिला दो साल पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की उपस्थिति में रखी थी। यह देश में अपनी तरह का पहला विश्वविद्यालय है, जिसकी स्थापना पढ़ाई के साथ-साथ कमाई की परिकल्पना के साथ की गई है। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कौशल भारत और आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना से फरीदाबाद को पूरे देश में एक अलग पहचान मिली है। इस विश्वविद्यालय में पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर काफी एहतियात बरती गई है और ऊर्जा संरक्षण पर खासा बल दिया गया है। इसके कुल क्षेत्र में से 60 प्रतिशत हिस्से को ग्रीन रखा गया है जबकि 40 प्रतिशत हिस्से पर भवन निर्माण किया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।

श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय के तहत निर्माण कौशल अकादमी की स्थापना की गई है। जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को कई तरह का कौशल प्रदान किया जा रहा है। यहां पर अपनी तरह का स्किल म्यूजियम भी स्थापित करने का प्रस्ताव है। विश्वविद्यालय में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए फीडर स्कूल की स्थापना की गई है। इसके अलावा, विद्यार्थियों के लिए मल्टी स्किल फाउंडेशन कोर्स शुरू किए गए हैं। इसके तहत पांच विषयों में से 3 विषय कौशल पर आधारित होंगे। विश्वविद्यालय में बॉक्सिंग रिंग, जिम्रेजियम और स्वीमिंग पूल जैसी सुविधाएं भी होंगी ताकि यहां कौशल के साथ-साथ खेलों पर भी पूरा फोकस किया जा सके। विश्वविद्यालय के पहले चरण का कार्य इस साल दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है।

उन्होंंने कहा कि पूरे राज्य में उद्योग मित्र योजना के प्रशिक्षण देकर प्रदेश के युवाओं को उद्योगों के लिए तैयार किया जाएगा। इस स्कीम के तहत 3 हजार रुपये की सहयोग राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों ने भी इस विश्वविद्यालय को लेकर रुचि दिखाई है और इतने कम समय में लगभग 100 उद्योगों के साथ इस विश्वविद्यालय का एमओयू होना इस बात का जीता-जागता सबूत है।

इस दौरान बताया गया कि विश्वविद्यालय में अब तक 83 हजार 400 से अधिक प्रशिक्षुओं का पंजीकरण किया गया है जिसमें से 68 हजार 700 से अधिक प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अलावा, 13 हजार 200 से अधिक प्रशिक्षुओं की प्लेसमेंट की जा चुकी है। वर्ष 2020-21 के दौरान विश्वविद्यालय ने 12 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है।इस मौके पर डिजिटल ओजेटी डायरी-कौशल सुदर्शन का भी शुभारंभ किया गया।

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