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महामारी के बढ़ते संकट के बीच, बढ़ गई स्वच्छता सैनिकों की चुनौतियां

महामारी के बढ़ते आंकड़े सरकार की चिंता बढ़ा रहे हैं। करोना संकट के इस दौर में संक्रमण एक बार फिर तेजी से फैल रहा है। जिसके कारण प्रतिदिन मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से शवों के संस्कार की जिम्मेदारी नगर निगम के स्वच्छता सैनिकों सफाई कर्मचारियों को दी गई है। बता दें कि, करोना से होने वाली मौतों के मामले बढ़ने के साथ ही स्वच्छता सैनिकों की चुनौतियां भी बढ़ गई है।

करोना से होने वाली मौतों के शवों को अलग तरीके से दाह संस्कार करते हैं। स्वच्छता सैनिकों की टीमें रोजाना एक-दो शवों का दाह संस्कार करती थी पर अब स्थिति में धड़ल्ले से उछाल देखने को मिला है जिसके बाद सफाई कर्मचारी प्रतिदिन 4 से 8 शवों का दाह संस्कार कर रहे हैं। संक्रमण से होने वाली मौतों के मामले में नगर निगम के अनिल कुमार, संजय, रणवीर, रविंद्र, विजय, प्रकाश, राज्यपाल तथा सोहनलाल अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

समाज की सेवा में जुटे इन स्वच्छता सैनिकों के परिवार भी इनके साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। स्वच्छता सैनिकों का कहना है कि वह हमेशा अपनी ड्यूटी को ही प्राथमिकता देते हैं और समाज की सेवा में दिन-रात जुटे हुए हैं। इतना ही नहीं, कुछ कर्मचारी दाह संस्कार करने की सेवा को पुण्य कार्य मान रहे हैं।

हालांकि, सफाई और स्वच्छता सैनिकों को कई महीनों से अपने परिवार से अलग रहना पड़ रहा है और इतना ही नहीं इनकी जान पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर होने के बावजूद भी अनेकों कर्मचारी एक छुट्टी तक नहीं ले रहे हैं।

कर्मचारियों की काम के प्रति अशुद्ध सराहनीय है पर इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि मौत किस संख्या में बढ़ोतरी होने के कारण इन सैनिकों की चुनौतियां भी बढ़ गए हैं। सफाई निरीक्षक राजेंद्र दहिया का कहना है की महामारी के चलते अपने घर से अलग एक कमरे में रह रहे हैं। जहां वह अपना सारा काम खुद ही करते हैं। दहिया ने कहा इस सरकार ने जो ने ड्यूटी दी है वे उसे अपना कर्तव्य समझकर पालन कर रहे हैं।

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