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शादियों के साये पर भारी पड़ा महामारी का साया, डरे हुए हैं बाराती

विवाह के लिए शुभ मुहूर्त चल रहा है। नवंबर और दिसंबर महीने के बहुत से ऐसे दिन है जो शादी के शुभ कार्य के लिए उपयुक्त और शुभ बताए गए हैं। ऐसे में नवंबर के महीने में होने वाली शादी समारोह पर महामारी का साया मंडराता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल दीपावली के त्यौहार के बाद करोना के मामलों में बड़ा उछाल आने से सरकार की चिंता भी चरम पर है।

ऐसे में प्रशासन द्वारा नई गाइडलाइंस जल्द ही जारी की जा सकती हैं जिसमें शादियों में बारातियों की संख्या को एक बार फिर घटाया जाएगा। फरीदाबाद समेत पूरे दिल्ली एनसीआर में दीपावली के त्यौहार के उत्सव, उल्लास और रूम में सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य गाइडलाइन कि जिस प्रकार धज्जियां उड़ाई गई उससे करोना के आंकड़ों में इजाफा देखने को मिला है जो अच्छा सूचक नहीं है।

ऐसे में अब शादी समारोह पर तलवार लटकी हुई है। जो लोग पहले बारातियों और अन्य मेहमानों की लंबी चौड़ी लिस्ट तैयार किया करते थे अब महामारी को गंभीर रूप देखते हुए संख्या सीमित करने की उलझन से जूझ रहे हैं। नई गाइडलाइंस के आने से बड़ी परेशानी से गुजरने वाले अनेकों लोग हैं जो ढेर सारे अरमान लिए मेहमानों के घर शादी का न्योता दे बैठे हैं पर अब गाइडलाइंस में मेहमानों की संख्या घटा दी जाने की बात से काफी चिंतित है।

जिन मेहमानों को कार्ड दिया जा चुका है उन्हें मना करें भी तो कैसे, यही परेशानी लोगों को सता रही है। फरीदाबाद में हालांकि मामले प्रतिदिन तेज रफ्तार से बढ़ रहे हैं पर फिलहाल शादी के मेहमानों की संख्या संबंधी प्रशासन ने कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं। नई गाइडलाइन और नई दिशा निर्देश को लेकर अभी सिर्फ अनुमान लगाया जा सकता है कि बढ़ते मामलों को नियंत्रण में करने के लिए 200 मेहमानों की अनुमति को एक बार फिर वापस लिया जाएगा और केवल 50 ही मेहमान एक शादी समारोह को अटेंड कर सकेंगे।

सोशल डिस्टेंसिंग सामाजिक दूरी और अन्य दिशा निर्देशों का स्वयं ही पालन किया जाए और एहतियात बरते जाए इसके लिए लोग अपनी तरफ से भी अनेकों प्रयास कर रहे हैं। मेहमानों को खाने का न्योता अलग-अलग टाइम पर दिया जा रहा है ताकि लोग आते जाते रहे और भीड़ इकट्ठे ना हो पाए।

फरीदाबाद सेक्टर 10 के बैंकट हॉल के संचालक ने बताया की शादियों के लिए पहले से ही बुकिंग की जा चुकी है पर अब स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए मैनेजमेंट को निर्देश दिए गए हैं कि मेहमानों को दावत के लिए अलग-अलग टाइम पर बुलाया जाए। इससे मेहमान विभाजित हो जाएंगे और जिला प्रशासन के दिशा निर्देशों का भी सख्ती से पालन हो पाएगा।

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