Pehchan Faridabad
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क्या आप जानते है ,इस सोसायटी को , जो आपदा और युद्ध के दौरान गरीबों की करती है मदद ।

फरीदाबाद : मानव के जीवन और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए 1863 में एक संगठन स्थापित किया गया ।जिसने आज पूरी दुनिया में अपनी एक अलग ही छवि बना ली है । इस संस्था को 3 बार नोबेल शांति पुरस्कार भी दिया गया है । सोसायटी को पुरस्कार 1917, 1943 और 1963 में दिया गया है ।

कौन है निर्माता और कहां है मुख्य कार्यालय ?

रेड क्रॉस सोसाइटी के निर्माता हेनरी ड्यूडेंट थे जिनका जन्म 8 मई को हुआ था ।रेड क्रॉस का मुख्य कार्यालय स्विट्जरलैंड के जेनेवा में स्थापित है । इसलिए हर साल 8 मई को रेड क्रॉस डे मनाया जाता है । यह संस्था युद्ध और शांति के समय दुनियाभर के देशों की सरकारों के बीच समन्वय का काम करती है।

रेड क्रॉस सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य युद्ध या विपदा के समय होने वाली परेशानियों से राहत दिलाना है। युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की मदद करना और उनका इलाज करना इसके प्रमुख उद्देश्यों में रहा है, जबकि यह संस्था ब्लड बैंक से लेकर विभिन्न तरह की स्वास्थ्य और समाजसेवाओं में अपनी भूमिका निभा रही है।

क्या किया फरीदाबाद में रेड क्रॉस सोसायटी ने –

रैड क्रॉस सोसायटी विभिन्न संगठनों के साथ निरंतर सेवा कर रही है । उन्होंने बताया कि अब तक 22 लाख 05 हजार 90 लोगों को फूड पैकेट्स तथा 37 हजार 377 लोगों को साप्ताहिक सूखा राशन वितरित किया गया। उन्होंने बताया कि अब तक 21 लाख 23 हजार 587 फूड पैकेट्स विभिन्न एनजीओ तथा 81 हजार 500 पैकेट्स सरकार द्वारा तैयार करवाए गए हैं, जिनका वितरण गत दिनों शहर के सभी वार्डों में जरूरतमंद लोगों तक किया गया। इस समय जिला में बनाए गए रिलीफ सेंटर में करीब 32 लोग ठहरे हुए हैं, जिन्हें खाना व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जन वितरण प्रणाली के तहत जिला के सभी डिपो के माध्यम से भी राशन कार्ड धारकों को राशन वितरित किया जा रहा है। फरीदाबाद जिले के उपायुक्त ने इनके कार्यों को सराहना भी दी है ।

इनके चिन्ह का गलत इस्तमाल भूल के भी ना करे ।

सफेद पट्टी पर लाल रंग का क्रॉस का चिह्न इस संस्था का निशान है, जिसका गलत इस्तेमाल करने पर जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है और यहां तक कि दोषी व्यक्ति की संपत्ति भी ज़ब्त की जा सकती है।

कोरोना काल में भी दिया योगदान ।

इस सोसाइटी का नारा है- अपने अन्दर के स्वयं सेवक को पहचानें। मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, सार्वभौमिकता और एकता जैसे सिद्धांतों पर कार्य करना । इस संस्था की भूमिका कोरोना संकट के दौर में और भी जयादा महत्वपूर्ण हो गई है। हज़ारों लोगों तक इस संगठन ने सेवा प्रदान करी है ।

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