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दुनिया के सबसे महंगे स्कूल पर एक भारतीय ने ठोका मुकदमा, पूरा सच जानकर चौक जायेंगे आप

दुनिया भर में कई ऐसे बड़े स्कूल है जो अपनी महंगी फीस और अपनी अनोखी शिक्षा प्रणाली के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है इन्हीं स्कूलों की सूची में इंस्टीट्यूट ऑफ ली रोजी जिसे आमतौर पर ली रोजी कहा जाता है उसका नाम सर्वप्रथम आता है। 1880 ई में बने इस स्कूल की फीस 1 लाख डॉलर के करीब बताई जाती है जिसके चलते इन स्कूलों में केवल देश के अरबपतियों के ही बच्चे पढ़ सकते हैं। इस स्कूल से जुड़ी कुछ अन्य खास बातो पर चर्चा करे तो गए स्कूल दुनिया का इकलौता ऐसा स्कूल है जो हर सीज़न में अपना कैंपस बदलता है ताकि छात्रों को पर्याप्त सूरज की रोशनी मिल सके। इस स्कूल के पास अपने कई रिजॉर्ट एवं प्राइवेट जहाज है। वर्तमान में इस स्कूल में 56 देशों के 400 के करीब बच्चे पढ़ रह है।

लेकिन अभी हाल ही में एक मामला ऐसा सामने आया है जिसमें भारतीय मूल के एक व्यावसायी पंकज ओसवाल ने ली रोजी पर मुकदमा दर्ज किया है। पंकज ओसवाल का कहना है कि उनकी बेटी इस स्कूल में वर्षो से पढ रही हैं लेकिन स्कूल में पढ़ने वाले अन्य छात्र उनकी बेटी का मानसिक तौर पर उत्पीड़न करते है जिस कारण उसकी बेटी डिप्रेशन में चली गई है।

Pankaj Oswal

स्कूल पर मुकदमा दर्ज कर आरोप लगाने वाले पंकज ओसवाल का कहना है कि उनकी बेटी पिछले 5 वर्षों से इस स्कूल में पढ़ रही है और स्कूल के कुछ सीनियर बच्चों द्वारा मेरी बेटी के बैकग्राउंड को लेकर और उसके भारतीय नागरिक होने को लेकर उसका मजाक बनाया जाता है और उसे मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जाता है जिस कारण उसे नींद ना आने और घबराहट की समस्या हो चली है और उसकी बेटी अब काफी लंबे समय से डिप्रेशन का शिकार है। जिसके चलते उसके द्वारा अब अपनी बेटी को स्कूल से निकलवा लिया गया है और अब वे उसे प्राइवेट ट्यूशन दिलवा रहे हैं। लेकिन वे स्कूल की वार्षिक फीस का भुगतान पहले ही कर चुके हैं इसलिए उन्होंने स्विटरजरलैंड की राजधानी जिनेवा से लगभग 26 किलोमीटर दूर बसे इस स्कूल के मैनेजमेंट पर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।

वही स्कूल की मैनेजमेंट का कहना है कि उनके स्कूल में किसी भी छात्र को बुल्ली किए जाने का कोई मामला सामने नहीं आया है और अभी तक कोई भी शिकायत उनकी स्कूल की मैनेजमेंट को किसी भी छात्र से प्राप्त नहीं हुई है इसलिए पंकज ओसवाल द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप निरर्थक है जिसका जवाब स्कूल की मैनेजमेंट नहीं दे सकती।

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