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भारत का इकलौता ऐसा पेड़ जिसकी दिन-रात सुरक्षा करती है मिलेट्री फोर्स

भारतीय सेना जो हमारे देश की रक्षा के लिए हमेशा तैनात रहते है। जो अपने घर परिवार से दूर हमारे लिए रक्षा करते है। हमारे लिए दिन रात बॉर्डर पर देश की सुरक्षा में लगे रहते है पर क्या आप जानते है की एक वीवीआईपी पेड़ जिसकी सुरक्षा में पुलिस वाले दिन रात तैनात रहते है।

जी हां आज हम आपको इस ही पेड़ के बारे में बताने वाले है ये पेड़ मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और विदिशा के बीच सलामतपुर की पहाड़ी पर लगा है। आपने अक्सर बड़े बड़े लोगों के साथ पुलिस की तैनाती देखी होगी, उनकी सुरक्षा के लिए तैनात रहते है लेकिन ऐसा पहली बार आप सुन रहे होंगे जब पेड़ की सुरक्षा में पुलिस तैनात रहते है।

आपको बता दे कि मध्य प्रदेश की सरकार इस पेड़ की देखरेख पर हर साल 12 से 15 लाख रुपए खर्च करती है। यहां तक इस पेड़ की सुरक्षा के लिए हफ्ते के सातों दिन 24 घंटे चार पुलिस वाले तैनात रहते है।

सौ एकड़ की पहाड़ी पर लोहे की लगभग 15 फीट ऊंची जाली के अंदर लहलहाता हुआ नजर आता है ये वीवीआईपी बोधि पेड़। इस पेड़ की खासियत सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। यह पेड़ वाकई बहुत खास है।

बौद्ध धर्म के अनुयाईयों के लिए यह श्रद्धा का केंद्र है, तो प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के लिए श्रीलंकाई राष्ट्रपति की सौगात। लगभग चार साल पहले 21 सितंबर 2012 को श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंद्र राजपक्षे ने इस पहाड़ी पर एक पौधा रोपा था। जो धीरे-धीरे वृक्ष का रूप ले रहा है। भगवान गौतम बुद्ध ने पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर बौधित्व को प्राप्त किया था। अत: बौद्ध धर्म में इस बोधि वृक्ष कहा जाता है।

बता दे 21 सितंबर 2012 को इस पहाड़ी पर महिंद्रा राजपक्षे बौद्ध युनिवर्सिटी की आधारशिला रखने आए थे। तब प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ उन्होंने पहाड़ी बोधि वृक्ष (पौधा) रोपा था।

तब से आज तक इसकी सुरक्षा की जा रही है। पौधे को लोहे की जालियों से घेरकर सुरक्षित किया गया है। पुलिस के जवान इसकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। पानी का एक टेंकर खड़ा रहता है। पहाड़ी पर किसी भी अंजान व्यक्ति को चडऩे की इजाजत नहीं होती है।

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