Pehchan Faridabad
Know Your City

बल्लभगढ़ से गरीबों के लिए चलाई जा रही है सरकारी बसें ।

फरीदाबाद : देशव्यापी लॉक डाउन का असर सबसे अधिक गरीब तबके पर देखने को मिला । कुछ लोग अपनों से महीनों के लिए दूर हो गए तो कुछ लोग मौके का फायदा उठा कर अपनों के पास जा पहुंचे है लेकिन अभी सैकड़ों ऐसे है जो अभी तक अपनों के पास जाने में असफल है ।

हरियाणा के परिवहन मंत्री पंडित मूलचंद शर्मा के दिशा आदेश अनुसार जब शुरुआत में लोग पलायन कर रहे थे तो उनके लिए भी बसें चलाई गई थी । बहुत से लोग अपने अपने राज्य जा चुके है ।लेकिन मजदूरों के जाने अद्योग बिल्कुल ठप हो जाएगा इसलिए केंद्र सरकार द्वारा आदेश दिए गए की मजदूर को रखने के लिए राज्य सरकार इंतजाम करे ।तब से बसों के चलने की संख्या भी कम हो गई है । आए दिन बस चलाई जाती है और जरूरतमंद लोगों को उन बसों में बिठाकर उनकी मंज़िल तक पहुंचाया जाता है ।

कल रविवार 10 मई को भी बल्लभगढ़ बस अड्डे से 4 बसें चलाई गई ।जानकारी के लिए बताना चाहेंगे की इन बसों में कुल 164 यात्रियों को बिठाया गया । इन यात्रियों को बस द्वारा कोसी तक पहुंचाया जाएगा । जब ये यात्री कोसी उतरेंगे तो इनकी स्क्रीनिंग भी करी जगह और पूरी तरह जांच भी करी जाएगी। सोशल डिस्टेंस का भी पूरी तरह ध्यान रखा गया , प्रत्येक को मास्क लगाना अनिवार्य था ।

बसों निकलने की आस में आज भी गरीब तबके के लोग अपने गांव जाने के लिए अक्सर बल्लभगढ़ बस अड्डे पर चक्कर लगाते है । इस लॉक डाउन की वजह से सबसे ज़्यादा प्रभावित गरीब तबका ही हुआ है ।

जब बस अड्डे पर मौजूद मास्टर रूम में बैठे अधिकारी से बात करी तो उन्होंने बताया कि अभी तक बसें चलाने के लिए कोई आदेश नहीं आए है ये तो केवल स्पेशल बसें चल रही है जो दूसरे राज्य तक लोगों का पहुंचने का काम कर रही है ।जिस प्रकार रेल मंत्रालय ने 12 मई से कुछ ट्रेनें चालू करने के लिए कहा है वैसी कोई भी गाइडलाइन अभी तक हमारे पास बसों को लेकर नहीं आई है ।

हमने ये सवाल इसलिए उठाया क्योंकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस समय पूरी तरह बंद है क्योंकि लोग स्टेशन तक पहुंचेंगे कैसे और यदि पहुंचे तो उसके आगे का सफर कैसे तय होगा क्योंकि हर गरीब के पास स्पेशल वाहन नहीं होता ।इसलिए सरकार इस वार्ता पर भी लोगों के हित निर्णय लेने होंगे अन्यथा ये ट्रेन चलना व्यर्थ कहलाएगा ।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More