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कोरोना ठीक हो गया इसका मतलब ये नहीं कि वो वापिस नहीं आ सकता , जानिए कुछ खास बातें।

वैश्विक महामारी कोरोना का कहर अन्य देशों पर तो देखने को ही मिला इसी के साथ साथ हिंदुस्तान में भी इसने अपना डेरा जमा लिया अब तक 70,800 से भी अधिक कोरोना संक्रमित लोगों की पुष्टि करी गई है इसी के साथ साथ 2294 लोगों की मौत हुई हो चुकी है लेकिन राहत की बात यह है कि 22549 लोग इस जंग से जीत चुके है । लेकिन ठीक होने वाले हर व्यक्ति को कोरोना को हराने के बाद भी सावधानियां बरतनी होंगी ।

कोरोना से जंग जीतने वालों को क्या सावधानी रखनी है?

सबसे पहले तो हमें इस बात का ध्यान रखना है कि जो भी वायरस से जीत कर आया है , वह पूरी तरह स्वस्थ है और वह कोरोना वायरस को अपने साथ लिए नहीं आया है। ऐसे मरीज दो अपनी इम्यून पावर से इस घातक बीमारी को हरा कर आए हैं।
ऐसे व्यक्ति को ठीक हो कर घर आने के बाद भी मास्क लगाकर रखना है और ठीक होने का मतलब यह नहीं कि वह कहीं भी घूमे फिरे और इस बात का तो अवश्य ध्यान रखना है कि ऐसे व्यक्ति को कहीं पर भी थूकना नहीं है। हालांकि वो कोरोना को मात देकर आया लेकिन फिर भी उसे एक आम आदमी की तरह कोरोना से बचने के लिए सावधानी बरतनी होगी और नियमों का पालन करना होगा।

जो लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं क्या उन्हें दोबारा संक्रमण हो सकता है या नहीं?

कोरोना वायरस कई वायरसों का समूह है इसी के साथ साथ यह एक नया वायरस है । इससे ठीक होने के बाद इंसान दोबारा बीमार पड़ सकता है । इस बारे में पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता , की एक बार कोरोना से बचने के बाद दोबारा भी कोरोना आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। यह बात बिल्कुल सही है की कोरोना से ठीक हुए मरीज की इम्यूनिटी स्ट्रांग हो जाती है लेकिन इंसान के ऊपर निर्भर है कि उसकी इम्युनिटी कितनी स्ट्रांग हो सकती है । इसलिए हर व्यक्ति को ठीक होने के बाद भी इस बीमारी से सावधानी बरतनी आवश्यक है।

लॉक डाउन को एक दवा समझकर लेना होगा क्योंकि फिलहाल कोरोना एकमात्र इलाज लॉक डाउन ही है । इसलिए लॉक डाउन को ही वैक्सीन मानना बेहतर इलाज है । जो भी दिशा निर्देश दिया जाए उनका बखूबी पालन कीजिए।

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