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भारत की इस बेटी को सलाम- पिता को खोने के बाद भी नही रुकने दिया घर की कमाई का ज़रिया

पिता का साया उठने के बाद परिवार अक्सर बिखर जातें हैं, लेकिन 22 साल की बेटी सोनी ने हिम्मत नहीं हारी। जब परिवार में हर कोई पिता की मौत से सहमा था, तब वो परिवार का सहारा बनकर खड़ी हो गई और हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में अपनी नौकरी ज्वॉइन की। आपको बता दें कि नौकरी लगने से पांच दिन पहले पिता का साया बेटी के सिर से उठ गया था।

सोनी के पिता नरसी का 27 जनवरी 2019 को बीमारी के चलते निधन हो गया था। माता मीना देवी गृहिणी हैं। गौरतलब है कि सोनी ने हिसार डिपो में मैकेनिकल हेल्पर के पद पर 31 जनवरी 2019 को ज्वाइन किया था। 

सोनी मार्शल आर्ट के पेंचक सिलाट गेम की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में लगातार तीन बार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। हिसार के गांव राजली की रहने वाली सोनी आज हिसार डिपो में मैकेनिकल हेल्पर के पद पर कार्यरत है। सोनी आठ बहन-भाइयों में तीसरे नंबर की है। 

पिता का सपना था कि बेटी खिलाड़ी बनकर देश की झोली में पदक डाले। पिता के कहने पर ही सोनी ने वर्ष 2016 में खेलना शुरू किया था। तीन बार लगातार स्वर्ण पदक भी जीते। उसकी खेल कोटे के तहत ग्रुप डी में नौकरी लगी।

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