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दुनिया को अलविदा कहते हुए बुजुर्ग महिला पड़ोसियों को बना गई करोड़पति, छोड़ी 55 करोड़ की संपत्ति

हम जिस पड़ोस में रहते हैं उस पड़ोस में हमारा व्यवहार हमारा चाल चलन हमारी भाषा हमारी शैली सब बहुत मायने रखती है बहुत महत्व रखती है क्योंकि पड़ोस भी हमारे परिवार के जैसा ही होता है हमारा पड़ोस हमारा परिवार हमारा समाज यह सब चीजें ही मिलकर एक देश का रूप लेता है और जिस देश में समाज अच्छा हो पड़ोस अच्छा हो तो सब कुछ अच्छा अच्छा ही नजर आता है।

इसी के मद्देनजर हम आपको एक ऐसी जानकारी इस खबर के माध्यम से देने जा रहे हैं जिस खबर को पढ़कर आप भी अपने व्यवहार में परिवर्तन जरूर लेकर आएंगे आप जहां कहीं भी रहने वाले हो जहां भी रहते हो अगर आपका व्यवहार अपने पड़ोसियों के साथ बेहतर है अच्छा है सुगम ।

तो यकीन मानिए आपको कहीं कोई किसी भी तरह की परेशानी नहीं आएगी और कई बार तो ऐसा भी देखा गया है कि आपके संबंध इतने मजबूत हो जाते हैं प्रगाढ़ संबंधों की वजह से आप दूसरों के दिलों में बेहद जबरदस्त जगह बना लेते हैं और उसी वजह से वह भी अपने हो जाते वह भी अपने हो जाते हैं क्योंकि हमारे और आपके हमारे और आपके व्यवहार पर ही निर्भर करता है।

आपको बता दे कि जर्मनी में रेनेट वेडेल नाम की बुजुर्ग महिला ने अपने पड़ोसियों को रातों रात करोड़पति बना दिया। बुजुर्ग महिला ने मरने से पहले अपने पडोसी के नाम 7.5 मिलियन डॉलर यानि 55.35 करोड़ रुपये की संपत्ति कर दी है। अब इस महिला ने यह पूरी प्रॉपर्टी अब अपने पड़ोसियों के नाम दर्ज करवा दी है। रेनेट नाम की इस महिला की कहें तो तो ये एक शादीशुदा औरत थी जिसके पति का नाम अल्फ्रेड वीडेल था और अपने अपने पति के साथ ही ये वाइपरफेल्डेन में रहती थी।

इनके पति अल्फ्रेड वेडेल एक स्टॉक एक्सचेंज में लगे हुए बिजनेसमैन थे। साल 2014 में इनके पति की मौत हो गयी। इसके बाद काफी वक्त तक रेनेट अकेली ही रही और फिर धीरे धीरे इनकी तबियत बिगडती नजर आने लगी। बता देरेनेट के पास बैंक बैलेंस, शेयर और कीमती सामान की एक वसीयत थी जिसकी असली वारिस उनकी बहन थीं, लेकिन रेनेट की बहन की मौत उनसे पहले ही हो चुकी थी।

दरअसल रेनेट नें दुनिया से अलविदा लेने से पहले अपने पीछे अपनी एक वसीयत बना रखी थी जिसमें उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का ब्यौरा किया है। रेनेट नें यह बात साफ़ लिखी है के वो इनकी इस संपत्ति को कभी भी नीजी या व्यक्तिगत कार्यों के लिए इस्तेमाल नहीं करेंगे।

बल्कि वो इससे सामुदायिक और अन्य सामाजिक जगहों पर उनकी इस प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करेंगे। और ऐसा करने के लिए इनके पडोसी अब कानूनन बाध्य हैं।

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