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जानिए आखिर क्यों भारतीय अरबपति को मात्र 73 रुपये में बेचनी पड़ी 2 अरब डॉलर की कंपनी ?

बिजनेस एक ऐसी चीज है अगर वह चल जाए तो वारे न्यारे हो जाते हैं। अगर ना चले तो लोग सड़कों पर आ जाते हैं। उनका जीवन, करियर, भविष्य सभी दांव पर लग जाता है। अक्सर देखने को मिलता है कि जो सर्विस करने वाले लोग होते हैं वह इसी बात का जिक्र करते हैं कि कम से कम सर्विस में सर्विस करने वालों के लिए रिस्क नहीं होता। एक लगी बंधी नौकरी होती है, लगा-बंधा पैसा होता है, जो हर महीने आता है और अपनी आजीविका को सही ढंग से एक ही ढर्रे पर चला कर ले जाता है।

लेकिन जो बिजनेस को मानने वाले जानने वाले और समझने वाले हैं वह इस बात से इकरार तो करते हैं लेकिन खासतौर पर ज्यादा तौर पर बड़ी मजबूती है। कहा जाता है कि जब तक हम दर्द महसूस नहीं करेंगे तो कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे, और जब तक हम रिस्क नहीं लेंगे तब तक हमें फायदा मुनाफा घाटा किसी का भी कोई पता नहीं चल सकेगा। और ऐसा ही कुछ भारतीय अरबपति के साथ हुआ जिनकी 2 अरब डॉलर की कंपनी मात्र ₹73 में बेची गई इसका कारण कई वजह रही हैं।

अक्सर लोग शेयर मार्केट का जिक्र करते हैं सुनते हैं देखते हैं। अगर आप शेयर होल्डर हैं या शेयर मार्केट के जानकार हैं तो आप भी इस बात को बखूबी समझते होंगे कि, किस तरीके से शेयर मार्केट में शेयर बाजार में शेयर एकदम उछाल मारता है और कभी-कभी मुंह के बल धड़ाम से गिर भी पड़ता है।

और बैठे-बैठे अरबों खरबों की कंपनी दांव पर लग जाती है और कौड़ियों के भाव बिक जाती है। और आप यह भी देखते होंगे कि किस तरीके से फर्श से अर्श तक कोई भी व्यक्ति पलभर में पहुंच सकता है। कई बार तो जिसके सितारे गर्दिश में होते हैं वह भी चांद का सफर कर लेता है। लेकिन राजा कब रंक और रंक कब राजा बन जाए यह तो भविष्य की गर्त में और वर्तमान की स्थिति पर निर्भर करता है। बाकी कुछ किस्मत पर भी डिपेंड करता है। कुछ ऐसी ही भारतीय करोड़पती की कहानी है इसके बारे में क्या कुछ जानकारी है वह हम आपको बता रहे हैं। बतादें बीआर शेट्टी ने 1980 में अमीरात के सबसे पुराने रेमिटेंस बिजनेस यूएई एक्सचेंज की शुरुआती की।

यूएई एक्सचेंज, यूके की एक्सचेंज कंपनी ट्रैवलेक्स तथा कई छोटे-छोटे पेमेंट सॉल्यूशंस प्रोवाइडर्स तथा शेट्टी की फिनब्लर के साथ मिलकर 2018 में सार्वजनिक हुई। बता दें कि यूएई में हेल्थकेयर इंडस्ट्री में काफी संपत्ति बनाने वाले 77 साल के शेट्टी पहले भारतीय हैं। उन्होंने 1970 में एनएमसी हेल्थ की शुरुआत की थी, जो आगे चलकर साल 2012 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने से पहले देश की अपने तरह की पहली कंपनी बनी.

कहा जाता है कि 70 के दशक में शेट्टी महज आठ डॉलर लेकर यूएई पहुंचे थे और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय मूल के अरबपति बीआर शेट्टी की फिनाब्लर पीएलसी अपना कारोबार इजराइल-यूएई कंजोर्टियम को मात्र एक डॉलर (73.52 रुपये) में बेच रही है। बता दें कि पिछले साल से ही उनके सितारे डूबने शुरू हो गए थे। उनकी कंपनियों पर न सिर्फ अरबों डॉलर का कर्ज है बल्कि उनके खिलाफ फर्जीवाड़े की जांच भी चल रही है।

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