Pehchan Faridabad
Know Your City

हरियाणा मे होगी नौकरियों की बारिश, डीप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया, क्या होगी नई नीति?

हरियाणा सरकार अपनी नई उद्यम एवं रोजगार नीति से राज्‍य में विदेशी निवेश और युवाओं के लिए रोजागर की अपार संभावनाएं देख रही रही है। डीप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा के युवाओं के लिए अगले पांच साल में नौकरियों की बहार आएगी और औद्योगिक विकास का माहौल बनेगा। 

चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में दुष्‍यंत चौटाला ने राज्‍य सरकार की नई उद्यम और रोजगार नीति के बारे में विस्‍तार से जानकारी दी। दुष्‍यंत चौटाला ने कहा‍ कि सेवा का अधिकार कानून में बदलाव सहित एमएसएमई क्षेत्र पर खास फोकस किया गया है।  

जानिए किन बिंदुओ पर करेगी उद्यम और रोजगार नीति-2020 कार्य :

  • नई नीति के तहत 5 लाख नौकरियां पैदा करने और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य है।
  • निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा, इस नीति के द्वारा निर्यात को दोगुना करते हुए 2 लाख करोड़ रूपये किया गया है साथ ही साथ हरियाणा को प्रतिस्पर्धी और पसंदीदा निवेश के रूप में प्रतिष्ठित करने का लक्ष्य।
  •  क्षेत्रीय विकास और ज्यादा से ज्यादा रोजगार उत्पन्न होंगे तथा आजीविका आर्थिक विकास से आजीविका के अवसर बढ़ेंगे।
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अनुसार नई नीति से इको-सिस्टम मजबूत करने पर जोर।
  • शर्त अनुसार तीन साल के लिए मेगा और अल्ट्रा-मेगा परियोजनाओं को श्रमिक कानूनों से मिलेगी रियायत।
  • ऊर्जा से संबंधित उद्योगों को फैक्टरी कानून-1948 से छूट के लिए श्रमिकों की न्यूनतम संख्या 20 से बढ़ाकर 40 की गई।
  • औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के अंतर्गत आइटी, आइटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो और कपड़ा उद्योग को सार्वजनिक उपयोगिताओं के रूप में घोषित किया जाएगा।
  • सामान्य उद्योगों के मामलों में फर्श क्षेत्र अनुपात (FAR) को सामान्य 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 150 से 200 प्रतिशत किया जाएगा तथा भंडारण के मामलों में फर्श क्षेत्र अनुपात (FAR) को सामान्य 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 150 फीसदी तक किया जाएगा।
  • ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित करने के लिए पंचायती भूमि को पट्टे पर उपलब्ध कराया जाएगा।
  • डाटा सेंटर यूनिट्स के सरफेस पार्किंग पर्याप्त होने की स्थिति में बेसमेंट पार्किंग के प्रावधान की आवश्यकता को दूर किया जाएगा।
  • जहां परियोजना लागू है और एचएसआइआइडीसी के बकाए का भुगतान चुका हो, उसके लिए भूखंडों के हस्तांतरण के लिए  स्वत: प्रावधान की मंजूरी।
  • एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए चपटा कारखानों के लिए कम से कम 2000 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा के प्लॉट (एस) का 250 प्रतिशत तक का एफएआर बढ़ाया।
  • श्रम आवास के लिए 2000 वर्ग मीटर से अधिक HSIIDC भूखंडों की FAR में 250 प्रतिशत तक की वृद्धि।
  • HSIIDC लीज पर ली गई जमीन पर काम करने की अनुमति देकर निवेशकों पर अग्रिम लागत के बोझ को कम करने के लिए पट्टे पर भूमि की पेशकश करने के लिए एक नीति तैयार करेगा HSIIDC औद्योगिक सम्पदाओं में श्रमिकों के लिए शयनगृह व औद्योगिक आवास बनाने के लिए योजना तैयार करेगा।
  • संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, पूरे राज्य को औद्योगिकीकरण, सामाजिक-आर्थिक विकास, स्थानीय लाभ और विभिन्न प्रकार के कौशल विकास के स्तर के आधार पर विभिन्न स्केल की प्रोत्साहन राशि के साथ 4 श्रेणियों ( ए, बी, सी और डी) में वर्गीकृत किया गया है।
  • स्टार्टअप के लिए पांच वर्ष के लिए 20 लाख रूपये तक की आठ प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, 10 लाख रूपये तक सीड ग्रांट, सात वर्ष तक 100 प्रतिशत स्टेट जीएसटी वापसी।
  • इंडस्ट्रियल पार्क विकास के लिए प्रोजेक्ट कोस्ट की 40 करोड़ रूपये तक की 50 प्रतिशत की वित्तीय सहायता, 80 प्रतिशत तक स्टांप ड्यूटी वापसी और औद्योगिक आवास व शयनगृह बनाने के लिए 50 लाख रूपये तक की 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता।
  • इस नीति में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के विकास और उनका कारोबार बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More