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प्रदूषण : दिल्ली NCR की हवा में सुधार के बाद भी, वायु की बेहद खराब श्रेणी बरकरार

दिल्ली के साथ लगते शहरों में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर ने सरकार की चिंता और मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। प्रदूषण का स्तर निरंतर बढ़ता ही जा रहा है और इससे शहर के लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। सर्दी के मौसम में पुरे शहर पर स्मोग की मोटी चादर छा जाती है। जिससे ना सिर्फ सड़क हादसों और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है बल्कि प्रदूषण के स्तर में इज़ाफ़ा होने से सांस लेने में भी परेशानी होती है।

दिल्ली से सटे पांच शहरों- नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम- की औसत वायु गुणवत्ता (एयर क्वालिटी इंडेक्स) में सुधार आया है और ‘गंभीर’ से यह ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में आ गई है। यह जानकारी सरकारी एजेंसी द्वारा शुक्रवार को गत 24 घंटों के जारी आंकड़ों में दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने टीमों का गठन भी किया जो प्रदूषण बढ़ाने वाले करणों का जायज़ा लेगा।

बता दें कि जाम और सड़कों पर उड़ रही धूल प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने की अहम वजह है। फरीदाबाद के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी समिता का कहना है कि वायु प्रदूषण को देखते हुए पाली क्रेशर जोन को 2 जनवरी 2021 तक के लिए बंद कर दिया गया है और नीलम पुल की एक लेन के बंद होने से भी जाम और सड़कों पर उड़ रही धूल प्रदूषण का मुख्य कारण बन रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़ों के मुताबिक़, बृहस्पतिवार को गाजियाबाद में एक्यूआई 440 दर्ज किया गया था। वहीं ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 448, नोएडा का 441, फरीदाबाद का 408 और गुरुग्राम का एक्यूआई 361 था।

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