Pehchan Faridabad
Know Your City

240 घंटे लंबा सफर करके किसान आंदोलन पहुंचे दो भाई, बाइक पर तय की लाखों मीटर की दूरी

कड़ाके की ठंड में किसान सड़कों पर आ बैठे हैं। मोदी सरकार द्वारा गठित तीन कृषि कानूनों के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे हुए हैं। एक महीने से निरंतर रूप से चलते आंदोलन ने पूरे देश मे त्राहिमाम मचाया हुआ है।

राजधानी से सटे लगभग सभी बोर्डरों पर किसान इकठ्ठे हो चुके हैं जो कानूनों का विरोध कर रहे हैं। सिंघु, टिकरी, गाजीपुर जैसे बॉर्डर किसान आंदोलन के मुख्य गढ़ हैं। ऐसे में पलवल से सटे केएमपी बॉर्डर पर भी किसान आंदोलन के किसान एकत्रित हुए पड़े है।

ऐसे में किसान आंदोलन से आए दिन अजब गजब खबरों का आना आम हो गया है। बात की जाए केएमपी बॉर्डर की तो इन दिनों राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब के अलावा इस आंदोलन में केरेला से भी समर्थक आ पहुँचे हैं।

आपको बता दें कि इन दिनों केएमपी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में केरल राज्य से दो भाई 10 दिन लंबा सफर तय करके किसानों का समर्थन करने पहुंचे हैं।

इन दोनों भाईयों के नाम सूरज और सुमन है जो बाइक से सफर करने आए हैं। उनका कहना है कि वो मोदी सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों के खिलाफ खड़े हैं। दोनों भाई स्टूडेंट यूनियन में कार्यरत हैं और दोनों ही किसानों का साथ देने के लिए केएमपी पहुंचे हैं।

दोनों का कहना है कि वह किसानों की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। केएमपी बॉर्डर के बाद यह दोनों भाई सिंघु बॉर्डर का रुख करेंगे और वहीं पे किसानों का साथ आंदोलन में शामिल होंगे।

आपको बता दें कि अलग अलग क्षेत्रों से किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। किसानों के आंदोलन को चलते हुए लगभग एक महीना हो चुका है, किसान अपने द्वारा रखी गई मांगों को लेकर अडिग हैं।

जहां सरकार का कहना है कि वह तीनों कानूनों को लेकर संशोधन करने के लिए तैयार है पर किसानों की मांग है कि वह तीनों कानूनों को वापस लें।

किसानों द्वारा निरंतर रूप से चलते आ रहे आंदोलन को देश से ही नहीं बल्कि विदेश से भी समर्थन मिल रहा है। अब देखना होगा कि सरकार द्वारा इस पूरे आंदोलन पर विराम लगाने के लिए कैसे कदम उठाए जाते हैं।

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More