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बदरीनाथ में मंत्रोच्चारण के बीच सात जन्मों के बंधन में बंध गया ये ऑस्ट्रेलियाई कपल

भारत बहुत से लोगों को प्रभावित करता है। ना सिर्फ लोगों को बल्कि बहुत से देशों को भी प्रभावित करता है, वहां के लोगों को भी प्रभावित करता है। किसी भी कंट्री का कोई भी क्यों ना हो, जब एक बार वह हिंदुस्तान में आ जाता है तो उसका मन हिंदुस्तान में ही लगने लगता है।

या यूं कहिए कि हिंदुस्तान से हर किसी की दिल्लगी हो जाती है। और हो भी क्यों ना, हिंदुस्तान है ही ऐसा देश। भारत देश में प्रेम, सौहार्द, भाव, इमोशंस, दया-दृष्टि सब-कुछ मिलता है। और इन सबके बीच मिलते हैं, वर्षों-वर्षों पुराने रीति-रिवाज। बहुत से लोग आस्था के चलते रिवाजों को मानते हैं।

पूरे श्रद्धा-भाव के साथ उन्हें मनाते हैं। मान्यता है कि हर धर्म को अपने-अपने फैसले लेने का हक है। अपने रीति-रिवाजों से हर तरह का व्यवहार करने का हक है। और इन्हीं सब के चलते प्रभावित होकर ऑस्ट्रेलिया का एक कपल बद्रीनाथ पहुंचा।

और उन्होंने वहां पूरे रीति-रिवाजों के साथ, हिंदू रीति-रिवाजों के साथ मंत्रोंच्चारण के साथ अपनी शादी करवाई। और क्या कुछ इसके पीछे का कारण रहा। कौन है यह कपल, जो ऑस्ट्रेलिया से भारत आया।

और फिर अपनी शादी हिंदू रीति-रिवाजों के साथ की। हम उसके बारे में भी आपको बता दें। ऑस्ट्रेलियाई कपल सात जन्मों के बंधन में बंध गया। दोनों भगवान विष्णु के अगाध भक्त हैं। पाउलो और काइरा, जो ऑस्ट्रेलिया से हैं, ने एक जोड़े से शादी की। बद्रीनाथ मंदिर में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की।

वह अपने जीवन साथी कायरा से भगवान विष्णु के घर पर शादी करना चाहता था। जिसने उन्हें बद्रीनाथ की यात्रा पर प्रभावित किया। इसके बाद दोनों बद्रीनाथ मंदिर गए और भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर सुखी जीवन का आशीर्वाद मांगा।

उनकी इच्छा थी कि वह भगवान विष्णु के धाम में ही अपनी जीवन साथी कायरा के साथ शादी के बंधन में बंधें। और इसी के चलते इस कपल ने ऐसा क़दम उठाया और भारतीय सरज़मीं पर हमेशा-हमेशा के लिए एक-दूजे के हो गए।

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