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महामारी बनी मसीहा, बीमारी ने कसी सड़क हादसों की लगाम, आपराधिक मामलों में भी आई कमी

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एक ओर जहां महामारी की वजह से भारत समेत पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है, वही दूसरी ओर लॉकडाउन के चलते सड़क हादसों में 28 प्रतिशत की कमी आई है। इस साल गत वर्ष के मुकाबले आपराधिक वारदाते भी घटी है। पुलिस के अनुसार इस वर्ष 19 दिसंबर तक सड़क हादसों में 182 लोगो की मौत हो चुकी है, जबकि बीते वर्ष इसी अवधि में 252 लोगो की जान चली गयी है।

जिनमें तकरीबन 1.5 लोगों की मौत होती है। 2018 की बात करें तो इस साल 4,67,044 सड़क हादसों में 1,51,417 लोगों ने जान चली गई। रोड सेफ्टी आर्गेनाइजेशन के वरिष्ठ उप प्रधान एसके शर्मा का कहना है कि महामारी के कारण सड़क हादसों और उनमें मरने वालों की सख्या में कमी आई है। इसके अलावा सड़क हादसों में मरने वालों की कमी का कोई दूसरा कारण नज़र नही आता है।

महामारी बनी मसीहा, बीमारी ने कसी सड़क हादसों की लगाम, आपराधिक मामलों में भी आई कमी

पुलिस को 30 नवंबर तक 26,979 शिकायतें मिली थी। ये शिकायते पुलिस मुख्यालय, ग्रहमन्त्रयालय, सीएम विंडो, हरसमय पोर्टल,विभिन्न आयोग सहित कई अन्य कार्यलयों से प्राप्त हुई थी। इन शिकायतों में से 23,031 का समाधान कर दिया गया है।

विभाग को 63 प्रतिशत शिकायतों के निपटारे में कामयाबी मिली है। पुलिस आयुक्त ओपी सिंह का कहना है कि पुलिस ने कड़ी मेहनत की है। इन कारणों से ही आपराधिक वारदातों में कमी आई है।

महामारी बनी मसीहा, बीमारी ने कसी सड़क हादसों की लगाम, आपराधिक मामलों में भी आई कमी

पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ कार्यवाई की

महामारी बनी मसीहा, बीमारी ने कसी सड़क हादसों की लगाम, आपराधिक मामलों में भी आई कमी

346 भगोड़ा घोषित बदमाशो को गिरफ्तार किया।
02 पैरोल पर फरार हुए बदमाशो को गिरफ्तार किया।
237 अवैध हथियारों को जब्त किया ।
106 मामले दर्ज किए गए, मादक पदार्थ अधिनियम के तहत।
1167 मामले अबकारी अधिनिमय के दर्ज हुए।

एसएसी-एसटी के मामले घटे

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मौजूदा वर्ष में एसएसी – एसटी अधिनियम के 48 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष इस समय अवधि में 75 मामले दर्ज हुए थे। पुलिस को इनमें से 94 प्रतिशत मामलों को सुलझाने में कामयाबी मिली है।
Written by: Sonali chauhan..

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