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जेजेपी -बीजेपी नेताओं के लिए हरियाणा का यह गांव बना आफत, ग्रामीण बोले अगर दिखे तो जूतों से होगा स्वागत

केंद्र सरकार का आदेश खुद उन्हीं के नुमाइंदों के लिए आफत बन गया है। दरसअल, हरियाणा सरकार का सैकड़ों किसानों द्वारा पुरजोर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। जिसके चलते अब हरियाणा के करनाल जिले में इंद्री के गांव कादराबाद में किसान आंदोलन के समर्थन में गांव के लोगों ने भाजपा और जेजेपी के नेताओं का गांव में प्रवेश पर बैन लगा दिया है। गांव के लोगों ने पंचायत कर गांव के बाहर बैनर लगा दिया है, जिसपर जेजेपी और बीजेपी के लोगों के गांव में आने पर उनकी छितर (जूतों) परेड कराने की चेतावनी दी है।

गांव कादराबाद ग्रामीणों ने गांव के बाहर “जो किसानों की बात करेगा, वही गांव में बढ़ेगा..” का बैनर टांग दिया हैं। किसानों ने यह तक कहा कि किसानों के हितों की बात की आड़ में जो 3 कृषि कानून लागू किए हैं, वह किसान हितैषी नहीं है, उन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इतना सब कुछ होने के बाद में केंद्र सरकार हो या फिर हरियाणा सरकार किसी के भी कानों में जूं तक नहीं रेंग रही ऐसे में सरकार चुनने का क्या फायदा?

किसान गुरलाल सिंह ने कहा कि सत्ता में बैठे हुए नेता किसानों पर जबरदस्ती इन कानूनों को थोंपकर किसानों को बर्बादी के कगार पर खड़ा करना चाह रहे हैं. इतना ही नहीं इन कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को कहीं आतंकवादी बताया जा रहा है तो कहीं उनको उग्रवादी और खालिस्तानी बताया जा रहा है. ऐसा करके किसानों का अपमान किया जा रहा है और हरियाणा की सरकार आंदोलनकारी किसानों में फूट डालने की साजिश रच रही है।

वहीं किसान कुलदीप का कहना है कि किसान सरकार के किसी भी षड्यंत्र को सफल नहीं होने देंगे। किसानों ने कहा कि सरकार की इन नीतियों के विरोध में जेजेपी और भाजपा के नेताओं का बहिष्कार किया है। उन्होंने कहा कि अब उक्त पार्टी के नेता उनके गांव में झाक भी नहीं सकते।

उन्होंने इंद्री हलके के अन्य गांव के किसानों से भी अपील की है कि वह अपने गांव में इन दोनों दलों के लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दें, ताकि किसानों का अपमान करने वालों का कोई भी अपने यहां बैठने के लिए स्थाना दें। किसानों ने फिर से चेतावनी दी कि मोदी सरकार किसानों को मूर्ख ना समझे, यदि सरकार इस गलतफहमी में या गफलत में रहेगी तो फिर आने वाले दिनों में सत्तासीन पार्टी के लोगों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

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