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नए वायरस के लिए स्वास्थ्य विभाग पुर्णरूप से तरह है तैयार : डॉ ए.के.पांडे

फरीदाबाद : महामारी के दौर में लोगों ने अपने आप हर प्रकार से सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहे है , लेकिन उसके बाद भी सैकड़ों की संख्या में लोग संक्रमित हो गए। संक्रमित होने के बाद वह अपने परिजनों से कैसे दूरी बनाये ?

इन सभी बातों को लेकर पहचान फरीदाबाद की संवाददाता हेमलता रावत ने एनआईटी 3 नंबर स्थित ईएसआईसी मेडिकल काॅलेज व अस्पताल के रजिस्ट्रार डाॅक्टर ए.के.पांडे से जानकारी हासिल की उस जानकारी में डॉ ने इस महामारी के मुश्किल वक्त में कैसे स्वास्थ्य विभाग अपनी भूमिका निभा रहा है

प्रश्न 1 : ईएसआईसी अस्पताल में कोविद मरीजों के लिए कितने बैड का सेंटर बनाया गया है ,और कितने बेड्स और बढ़ाने के आदेश सरकार द्वारा दिए गए है या नहीं ?


उत्तरः-ईएसआईसी मेडिकल काॅलेज व अस्पताल को हरियाणा सरकार की ओर से एक्सक्लूसिव कोविद सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर में 60 बैड का आईसीयू और 540 बैड का जनरल वार्ड बनाया गया है। अभी बैड की संख्या को बढ़ाने के लिए कोई आदेश नहीं आए है। नेशनल मेडिकल कमिशन की ओर से गाइडलाइंस जारी की है कि जिन मेडिकल काॅलेज को कोविद सेंटर बनाया है। उनमें से कुछ वार्ड को नाॅन कोविद करने के लिए कहा गया है ताकि मेडिकल काॅलेज के स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप कर सकें।

प्रश्न 2 अगर कोई व्यक्ति महामारी से संक्रमित हो जाता है तो वह घर पर रहे कर कैसे अपने आप की देखभाल कर सकता है। इसके अलावा ज्वाइट फैमिली में रहकर वो कैसे खुद को और परिवार के अन्य सदस्यों से दुरी बना सकता है ?


उत्तरः- अगर कोई व्यक्ति कोविद पाॅजिटिव पाया जाता है तो उसको घर पर रहकर काफी चीजों को ध्यान रखना होगा। सबसे पहले उक्त व्यक्ति को अपने सभी परिजनों से दूर रहेना होगा। इसके अलावा अगर वह ज्वाइंट फैमिली में रहता है तो वह अलग कमरे में रहे। खासतौर पर संक्रमित व्यक्ति को बाथरूम सबसे अलग होना चाहिए। जिन बर्तनों में वह व्यक्ति खाना खाता है उसको करीब 10 से 15 मिनट तक साबुन के पानी रखने के बाद धोना चाहिए। लक्ष्णपूर्ण मरीजों को तुरंत अस्पताल में भर्ती होना चाहिए।

प्रश्न 3 कोविद के बाद अब एक नया वायरस (स्ट्रेन) भारत में आ चुका है, क्या यह कोविद से ज्यादा खतरनाक है, इस स्टेन को लेकर अस्पताल की क्या तैयारीया है और क्या अभी तक कोई पाॅजिटिव पाया गया है ।


उत्तरः- सरकार खुद ही ऐसे मरीजों को स्क्रिंनिंग करा रही है। अभी 10 सेंटर बनाए है जिसमें जीन सिक्वेंसिंग की जाएगी। यूके से आए 5 प्रतिशत मरीजों पाॅजिटिव पाए गए है उनका जीन सिक्वेंसिंग की जाएगी। हमारे यहां कोई वार्ड तो नहीं बना है। लेकिन हमारे पास सभी प्रकार की व्यवस्था है। जिसके बाद अगर कोई यूके से वापिस आए व्यक्ति पाॅजिटिव होता है तो उसको अलग वार्ड में रखा जाएगा। इसके अलावा दिल्ली में उनको जीन सिक्वेंसिंग करवाया जाएगा। अभी कुछ फरीदाबाद में पॉजिटिव पाया गया है लेकिन वह न्यू स्टेन नहीं है । तो उनका जीन सिक्वेंसिंग करवाया जा सकता है

प्रश्न 4 कोवैक्सीन की फाइल डोज लगाई जा रही है। अभी तक कितने लोगों को डोज लगाई जा चुकी है। डोज लगवाने आए लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर सेे उनको किस प्रकार का फायदा मिल रहा है।


उत्तरः- फाइल डोज लगाई जा रही है। पूरे भारत में करीब 25 सेंटर है। अभी तक पूरे भारत में करीब 19 हजार लोगों को डोज लगाई जा चुकी है। डोज लगाने वालों को प्रमुख्ता के तौर पर वैक्सीन दी जाएगी। इसके अलावा डोज लगवाने वाले लोगों को 750 रूपये दिए जा रहे हैै। इसके अलावा अगर उनको वैक्सीन की वजह से किसी प्रकार की कोई परेशानी होती है तो उनका पूरा इलाज बीबीआईएल करेगी।

जैसे की डाॅक्टर ए.के.पांडे ने बताया कि कोविद से बचने के लिए घर की बजाए अस्पताल में भर्ती होना ज्यादा सुरक्षित है। इसके अलावा यूके आए लोगों की जांच की जा रही है अभी कोई भी न्यू स्टेन फरीदाबाद में देखने को नहीं मिला है। इन सभी बातों के साथ घर से निकलने से पहले मास्क जरूर लगाया और घर वापिस आने के बाद अपने आप को सेनेटाइज किया करें। कोविद को अगर मात देनी है तो मास्क लगाना है जरूरी।

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