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दिल्ली के पानी को गंदा कर रहा हैं हरियाणा की यमुना का पानी : राघव चड्डा

पिछले दिनों ट्वीट कर यह जानकारी दी गई थी कि हरियाणा की तरफ से गंदा केमिकल वाला पानी दिल्ली में सप्लाई हो रहा है जिसके कारण भारी मुश्किल का सामना करना पड़ता है।

बावजूद इसके हरियाणा सरकार कोई ठोस कार्यवाही करने को राजी नहीं है और ना ही किसी भी प्रकार से इस समस्या को हल करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

इसी कड़ी में गुरुवार को दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने हरियाणा सरकार पर रोष प्रकट करते हुए और अपनी बात रखते हुए जल शक्ति मंत्री से इस समस्या का निराकरण निकालने को लेकर बात करने के लिए गजेंद्र सिंह शेखावत से अपील की।

शेखावत के अनुसार, हरियाणा राज्य द्वारा बिना शुद्धिकरण के गंदा पानी छोड़ने की प्रक्रिया को बढ़ाया जा रहा है, जिससे चलते रोहतक एक्स- रेगुलेटर में अमोनिया का स्तर 40 पीपीएम तक पहुंच गया है।

चड्ढा ने आगे यह भी बताया कि दिल्ली जल बोर्ड द्वारा लगातार पानी का सर्वे किया जा रहा है। इसके द्वारा पता चला है कि रोहतक एक्स रेगुलेट वहां का पानी न सिर्फ गंदे हरे रंग का हो गया है, बल्कि उसमें अमोनिया काफी खतरनाक स्तर पर है।

उपाध्यक्ष ने कहा कि इस कारण कई बार हमें अपने प्लांट भी बंद करने पड़ जाते हैं, जिसका असर दिल्ली में पानी की आपूर्ति पर भी पड़ता है।

राघव चड्ढा ने गुरुवार को बरोटा गांव और प्याऊं मनिहारी गांव का दौरा कर बताया कि इन जगहों पर अमोनिया का स्तर 6पीपीएम और 3पीपीएम तक था। उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया कि में डीडी1 और डीडी2 दो नहरें हैं।

जिनसे दूषित पानी यमुना में पहुंचता है। डीडी2 नहर को डाई ड्रेन भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें उद्योगों से निकला डाई ज्यादा मात्रा में होता है जिसमें भारी अमोनिया भी मौजूद होता है।

ये दोनों नहरें हरियाणा के पानीपत के शिमला गुजरन गांव के पास एक-दूसरे से मिलती हैं। शिमला गुजरन गांव से ये नहरें आगे बहते हुए खोजकीपुर गांव के पास यमुना में मिल जाती हैं। यमुना में प्रदूषण के बड़े केंद्रों में से यह एक है, जहां अक्सर अमोनिया का स्तर 25-40 पीपीएम हो जाता है।

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