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फसल के भुकतान के लिए नही भटकेंगे किसान ,सरकार ने यह ढूंढा समाधान

किसी भी काम में गलती होने के पश्चात उस गलती में सुधार के बाद ही जाम सफल किया जा सकता है। इसी तरह अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेते हुए इस बार हरियाणा में गेहूं व सरसों की खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को अपनी फसल का भुगतान हासिल करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

आपको बता दें कि पहले किसानों को 7 दिन में पेमेंट करने की गई थी लेकिन खातों में हो रही त्रुटियों व आढ़तियों से दो अलग-अलग फार्म हासिल करने की अनिवार्यता के चलते किसानों को दस-दस दिन बाद भी पेमेंट मिली। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार की घेराबंदी की।

फसल के भुकतान के लिए नही भटकेंगे किसान ,सरकार ने यह ढूंढा समाधान
फसल के भुकतान के लिए नही भटकेंगे किसान ,सरकार ने यह ढूंढा समाधान

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व डिप्टी मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा दिए गए निर्देश के बाद ही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इस बार पेमेंट के लिए दो फार्म की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।

जिसके बाद किसानों को फसल की बिक्री व उसके भुगतान के लिए आढ़तियों से सिर्फ जे-फार्म हासिल करना होगा, जिस पर उन्हें तीन दिन के भीतर पेमेंट का भुगतान हो सकेगा।

फसल के भुकतान के लिए नही भटकेंगे किसान ,सरकार ने यह ढूंढा समाधान
फसल के भुकतान के लिए नही भटकेंगे किसान ,सरकार ने यह ढूंढा समाधान

सबसे उत्तम बात तो यह है कि उक्त प्रक्रिया किसानों की मर्जी पर निर्भर करेगा कि वह आढ़तियों के माध्यम से पेमेंट चाहते हैं अथवा सीधे खातों में पेमेंट मंगवाने के इच्छुक हैं। पिछली बार करीब दो हजार किसानों ने पेमेंट भुगतान के लिए सही खाते देने की बजाय जन-धन खातों की डिटेल विभाग को दे दी थी। इन खातों में फसल की पेमेंट चली गई, जो कि किसानों को हासिल करने में काफी दिक्कत हुई।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने ऐसे किसानों व खातों की डिटेल तैयार कर ली है। किसानों व बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर इस पेमेंट को वापस विभाग में मंगवाया जाएगा। फिर नए सिरे से दो हजार किसानों की पेमेंट उनके वास्तविक खातों में डाली जाएगी।

फसल के भुकतान के लिए नही भटकेंगे किसान ,सरकार ने यह ढूंढा समाधान
फसल के भुकतान के लिए नही भटकेंगे किसान ,सरकार ने यह ढूंढा समाधान

प्रदेश सरकार ने इस बार 75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए 23 हजार करोड़ रुपये की जरूरत होगी। सरकार पैसे का बंदोबस्त करने में जुटी है। 11 जनवरी से गेहूं व सरसों की फसल की बिक्री के लिए वेब पोर्टल मेरी फसल-मेरा ब्योरा आरंभ हो जाएगा, जिस पर किसानों व आढ़तियों दोनों को अपना पंजीकरण कराना होगा।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव पीके दास ने बताया कि इस बार किसान पेमेंट के लिए जिन खातों की डिटेल देंगे, उन्हें भुगतान से पहले ही वैरीफाई करा लिया जाएगा,

फसल के भुकतान के लिए नही भटकेंगे किसान ,सरकार ने यह ढूंढा समाधान
फसल के भुकतान के लिए नही भटकेंगे किसान ,सरकार ने यह ढूंढा समाधान

ताकि भुगतान सही खातों में जा सके। राज्य में इस बार तीन सौ मंडियों में गेहूं व सरसों की खरीद होगी। दुष्यंत चौटाला के अनुसार सरकार की योजना किसानों व आढ़तियों को ज्यादा से ज्यादा राहत तथा सुविधा देने की है।

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