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डीसीपी ट्रैफिक ने बी के चौक से किया सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ, नियमों का पालन करने वाले लोगों का गुलाब का फुल देकर किया सुक्रिया

18 जनवरी से 17 फरवरी तक यातायात सुरक्षा माह मना कर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। पुलिस आयुक्त ओ पी सिंह के दिशा निर्देशों पर कार्य करते हुए पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक सुरेश कुमार ने फरीदाबाद के बी के चैक से यातायात सुरक्षा माह का शुभारंभ किया। इस सुरक्षा माह के तहत सुरेश कुमार के साथ-साथ सहायक पुलिस आयुक्त यातायात जयपाल वह अन्य यातायात पुलिस कर्मचारी भी मौजूद रहे।


डीसीपी सुरेश कुमार ने यातायात के नियमों के उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को फूल देखकर यातायात के नियमों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से नियमों का पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि नागरिक वाहनों पर यात्रा करते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना में होने वाले शारीरिक नुकसान से बचाव के लिए हेलमेट पहने। गाड़ी से यात्रा करने वाले सीट बेल्ट लगाएं और वाहनों को तेज गति सीमा से अधिक न चलाएं। जिससे सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके और दूसरों को भी इससे होने वाले जान व माल के नुकसान से बचाया जा सके ।


इसके अलावा आजाद बाइक राइडर््स के द्वारा एक बाइक रैली निकाली गई। जिसमें करीब 15 युवा मौजूद थे। यह बाइक रैली बीके चैक से होते हुए नीलम चैक व रेलवे रोड से होते हुए एनआईटी थाना होते हुएएल मेहता काॅलेज के रास्ते बीके चैक पहुंची। इस दौरान डीसीपी सुरेश भी बाइर्कस के साथ उनकी बाइक पर बैठकर राइड किया। आजाद बाइक राइडर््स ग्रुप के यश ने बताया कि धुंध के चलते वाहनों को दुर्घटना से बचाने के लिए गाड़ियों के आगे वह पीछे दोनों तरफ रिफ्लेक्टर लगाने के लिए कहा गया। ताकि रिफ्लेक्टर की चमक से आगे आने वाले वाहन का अंदाजा लगा कर दुर्घटना से बचा जा सके।


वहीं रोड सेफ्टी आर्गनाइजेशन के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट एस के शर्मा ने बताया कि भारत में एक्सिडेंट के जरिए सबसे ज्यादा मृत्यु बाइक सवारों की होती है। क्योंकि वह हेलमेट तो पहन लेती है लेकिन अन्य शरीर के अंगों पर किसी प्रकार की कोई सेफ्टी नहीं होती है। इसी वजह से उनके अन्य जगहों पर चोट लगने की वजह से वह अपनी जान को गवा देते है। उन्होंने बताया कि अगर एक्सिडेंट में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उसके अकेले की नहंी होती है, बल्कि उसके घर में रहने वाले अन्य लोगों की भी होती है। इसलिए वाहनों को चलाते वक्त सभी प्रकार के नियमों का पानल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सुरक्ष माह के पहले दिन जिन भी लोगों ने नियमों का पालन किया है उनको गुलाब का फुल देकर स्वागत किया व जिन्होंने नियमों का पालन नहीं किया है उनको भी फुल दिया है ताकि अगले दिन से शर्म की वजह से वह पालन करें।

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