HomeEducationनेहरू कॉलेज में हुआ कुछ ऐसा कि बही ज्ञान की धारा।

नेहरू कॉलेज में हुआ कुछ ऐसा कि बही ज्ञान की धारा।

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पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय सैक्टर-16 ए, के चल रहे दो दिवसीय पुस्तक मेले का आज दिनांक 19.01.2021 को विधिवत समापन किया गया, जहां प्रथम दिन 16 प्रकाषकों ने अपने बुक्स की प्रदर्षनी लगाई वहीं दुसरे दिन 10 और नए पब्लिसरस सहित कुल 26 प्रकाषकों ने विभिन्न विशयों की जनरल टैस्ट पुस्तकों की प्रर्दषनी लगाई गई।

इस अवसर पर महाविद्यालय के जिन प्राध्यापकों ने पुस्तके लिखि थी उन्हें प्राचार्य डाॅ. महेन्द्र कुमार गुप्ता तथा काॅलेज काउंसिल द्वारा सम्मानित किया गया सम्मानित होने वाले प्राध्यापको में स्वयं डाॅ.एम. के गुप्ता जी भी षामिल थे।

नेहरू कॉलेज में हुआ कुछ ऐसा कि बही ज्ञान की धारा।

इसके साथ-साथ बाहर से आये सभी अथिति, तथा प्रकाषकों को भी सम्मानित किया गया। बाहर से आये अथितियों तथा विद्यार्थियों ने मेले का भ्रमण कर मेले को काफी अच्छा बताया तथा हर वर्श पुस्तक मेला लगाने की षिफारिस की।

पुस्तक मेले के समापन में महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. एम के गुप्ता, वरिश्ठ प्राध्यापक डाॅ. नरेन्द्र कुमार, श्री राजपाल, डाॅ. राजेष कुमार, डाॅ.नीर कवंल, डाॅ.रूचिरा खुल्लर, श्री ओ. पी. रावत, डाॅ. राजेन्द्र कुमार, डाॅ. सरोज बाला, डाॅ.प्रतिभा चैहान, श्री उमेष भाटिया, डाॅ. उशा अरोडा, श्री दुर्गेष षर्मा आदि स्टाफ सदस्य तथा छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में किया गया। पुस्तकें किसी भी विचार, संस्कार या भावना के प्रचार का सबसे शक्तिशाली साधन हैं।

नेहरू कॉलेज में हुआ कुछ ऐसा कि बही ज्ञान की धारा।

पुस्तकें मनुष्य के जीवन में महत्वपूर्ण काम करती है। पुस्तकों के बिना मनुष्य बहुत सी बातों से अंजान रह जाता है। इंसान को जीवन में किताबे पढ़ते रहना चाहिए चाहे वह किसी भी जगह पहुँच जाए। पुस्तके इंसान के व्यक्तित्व को और भी निखरती है। हम जितना पुस्तको से प्यार करेंगे उतना ही हमारा जीवन सफल और ज्ञान से भरा हुआ होगा।

लोगो का शिक्षित होना बेहद ज़रूरी है क्योंकि पुस्तकों के ज्ञान से एक इंसान दूसरे इंसान को उस चीज़ के बारे में बता सकता है। आज के योग में पढ़ना लिखना बच्चों के साथ साथ हर एक मनुष्य की ज़िम्मेदारी बन गयी है।इंसान को अपने रोजमर्रा में किताबों को पढ़ते रहना चाहिए क्योंकि इससे इंसान का मन कहीं गलत जगह पर नहीं भटकता।

Written by – Aakriti Tapraniya

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