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ऐसा हो मेरा बजट : जानिए बजट के बारे में क्या सोचते हैं देश के युवा?

साल 2020-21का बजट 1फरवरी 2021को पेश होने वाला हैं। गवर्नमेंट बजट साल में एक बार आता हैं। बजट बनाना मतलब पैसे खर्च करने की प्रक्रिया है। इसमें कितने पैसे कहा,कैसे खर्च करने चाहिए इस पर गवर्नमेंट योजना बनाती हैं। बजट बनाते समय पिछले साल की रिपोर्ट भी देखी जाती हैं। इसमें गवर्नमेंट सबको ध्यान में रखते हुए बजट बनाती है।

जिससे आम लोगों की ज़िंदगी पर गहरा प्रभाव पड़ता हैं। लोग हर साल यही उम्मीद करते हैं कि इस साल का बजट उनके हित में आए। ना कि सिर्फ आम लोग बजट से हर किसी की ज़िन्दगी पर गहरा प्रभाव पड़ता हैं। चाहें फिर वो बिजनेस मैन, टीचर्स, स्टूडेंट्स,हाउस वाइफ,आदि।

सौरभ पाल :-

बजट के बारे में जब सौरभ से बात की वो क्या चाहते हैं की कैसा हो उनका बजट तब वह बताते है कि वह आईसीएस में कोचिंग ले रहे है वह गवर्नमेंट एग्जाम की त्यारी कर रहे हैं। बता दे की सौरभ चाहते है कि गवर्नमेंट कोई ऐसी योजना या समिति बनाए जिसमें स्टूडेंट्स का एग्जाम से लेकर रिजल्ट तक का समय बर्बाद ना हो। उन्हें रिजल्ट के लिए ज्यादा इंतज़ार ना करना पड़े। सौरभ ये भी कहते हैं।की वो अपना ज्यादा समय सरकारी नौकरी के लिए नहीं दे सकते वरना फिर वो प्राइवेट सेक्टर में भी काम नहीं कर पायेगे।

सौरभ का मानना है कि किसी भी सेक्टर में काम करने के लिए अनुभव का होना बहुत जरूरी हैं। जिससे पैकेज और सैलरी दोनों अच्छी मिलती हैं। और उनका भविष्य उज्वल हो सकता हैं। सौरभ बजट में ये चाहते हैं कि उनका ये अनमोल समय बर्बाद ना हो। और सरकार इसके लिए कोई योजना बनाए। देश में अभी युवा नौकरियों को लेकर काफ़ी ज्यादा परेशान हैं। पिछले साल महामारी के समय में बहुत से लोग बेरोजगार हुए थे। जिनमें से युवाओं की गिनती ज्यादा थीं। इस साल देश के युवा बजट आने पर यह उम्मीद करते हैं। की उन्हें नौकरियां मिले।

पूजा शर्मा:-

जब हमने बजट के बारे में एक युवती से बात की वो अपने बजट में क्या चाहती हैं । तब पूजा बताती हैं कि वो महिलाओं की सुरक्षा चाहती हैं।पूजा बताती है कि वो एक प्राइवेट कॉलेज में पढ़ती हैं। और महिलायों के साथ आए दिन घटनाएं बहुत बढ़ती जा रही हैं। पूजा बजट में यह चाहती है कि कॉलेज के उपर भी कोई ऐसी समिति होनी चाहिए कि जब कॉलेज में उनकी बात ना सुनी जाए तो वह अपनी बात समिति के सामने रख सके और समिति भी तभी उस विषय पर कार्य करे ।

बजट में जो अमाउंट दिया जाता हैं वो पीड़ितों कि मदद करने में लगाए जाए और कुछ केस ऐसे भी हैं जिनमें महिलाएं पीड़ित हो जाती है। तो ऐसे में सरकार पीड़ितों और उनके परिवाजनों की मदद करे, उनकी आर्थिक रूप से मदद करे। महिलाओं की सुरक्षा अहम मुद्दा अभी भी वहीं का वहीं है,जिस पर अभी तक किसी ध्यान सही ढंग से नहीं गया। राह चलते सुरक्षा का इंतजाम कितना बढ़ा है।

प्रिंस यादव:-

जब बजट के बारे में प्रिंस से बात की वो कैसा चाहते हैं। बजट तब प्रिंस बताते है प्राइवेट के साथ साथ सरकारी स्कूलों में भी बच्चों कि शिक्षा पर ध्यान दिया जाए। प्रिंस का मानना है कि हमारे देश में अभी भी बहुत से बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते है उनके मा बाप उन्हें प्राइवेट स्कूल में नहीं पढ़ा सकते प्रिंस बजट में चाहते है

कि सरकार सरकारी स्कूल के लिए योजना बनाए और उन पर अमल भी करे। बता दे इसके साथ प्रिंस ये भी चाहते हैं। की सरकारी टीचर्स जितनी मेहनत अपनी नौकरी पाने के लिए करते हैं। उतनी ही मेहनत वह अपने छात्रों को पढ़ाने में करे।

विक्रम शर्मा:-

विक्रम शर्मा बताते हैं। की वह बजट में यह चाहते हैं कि युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में भी वरीयता मिलनी चाहिए। विक्रम बताते है। की हमारे देश में सब सरकारी नौकरी की तरफ भाग रहे है। सरकारी नौकरी में फॉर्म ज्यादा होते हैं और रिक्ति काम होती हैं। सरकारी नौकरी के लिए जो लोग तैयारी करते हैं। उनके ऊपर उनके परिवारजनों का बहुत दबाव होता हैं। दबाव के कारण वह असफल हो जाते हैं। प्रिंस बजट में यह चाहते है कि प्राइवेट सेक्टर को भी गवर्नमेंट सेक्टर जितनी वरीयता मिलनी चाहिए।

Written By :- Radhika Chaudhary

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