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पराक्रम दिवस पर स्पोर्ट्स इंजरी एंड अवेयरनेस के तहत खेल में होने वाले चोटों के बारे में किया जागरूक

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शनिवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के उपलक्ष्य में एसएसबी हार्ट एंड मल्टीस्पेशयलिटी हॉस्पिटल में स्पोर्ट्स इंजरी एंड अवेयरनेस के तहत खेल में लगने वाली चोटों के प्रति सावधानियां और इसके उपाय के ऊपर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर सभी ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में डॉ राकेश कुमार जोकि एसएसबी हॉस्पिटल में सीनियर कंसलटेंट स्पोर्ट इंजरी और आर्थोस्कॉपी हैं। खेल में होने वाले चोटों के बारे में जानकारियां दीं। उन्होंने यह भी बताया कैसे आप इन चोटों से बच सकते हैं। कैसे अपने कैरियर को सुरक्षित रह सकते हैं।

पराक्रम दिवस पर स्पोर्ट्स इंजरी एंड अवेयरनेस के तहत खेल में होने वाले चोटों के बारे में किया जागरूक

उन्होंने बताया कि आज के दौर में जब स्पोर्ट्स एक काफी कॉन्पिटिटिव हो चुका हैए ऐसे में अपने आपको चोटों से बचाना बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि किन.किन चीजों में कुछ ज्यादा सावधानियां बरतनी चाहिएं और ऐसी नौबत ना आए कि सर्जरी की जरूरत पड़े।
डा राकेश कुमार ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि खेल की चोटें नियमित चोटों से भिन्न होती हैं और मुख्य रूप से एक एथलीट को प्रभावित करती हैं। खेल प्रशिक्षण और अभ्यास में भाग लेने के दौरान खेल की चोटें होती हैं। ओवरट्रेनिंग, कंडीशनिंग की कमी और एक निश्चित कार्य करने की अनुचित तकनीक से खेल में चोट लगती है।

पराक्रम दिवस पर स्पोर्ट्स इंजरी एंड अवेयरनेस के तहत खेल में होने वाले चोटों के बारे में किया जागरूक

व्यायाम या किसी भी शारीरिक खेल को खेलने से पहले वार्मअप करने की उपेक्षा करने से भी चोटों का खतरा बढ़ जाता है। खेल की चोटें नियमित चोटों से अलग होती हैं। क्योंकि एथलीट अपने शरीर पर बहुत दबाव डालते हैंए जो कभी-कभी मांसपेशियोंए जोड़ों और हड्डियों में टूट फूट का कारण बनता है। स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी की मदद से स्पोर्ट्स इंजरी का इलाज बेहतर तरीके से किया जाता है। जोकि फिजियोथेरेपी की एक विशेष शाखा है जो एथलीटों से जुड़ी चोटों और शारीरिक मुद्दों का प्रबंधन करती है।

पराक्रम दिवस पर स्पोर्ट्स इंजरी एंड अवेयरनेस के तहत खेल में होने वाले चोटों के बारे में किया जागरूक

स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट एथलीटों को रिकवरी करने में मदद करता है और आगे की चोटों की रोकथाम पर कुछ शिक्षा भी प्रदान करता है। स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट के पास खेल विशिष्ट ज्ञान होता है और एथलीट की तेजी से रिकवरी करने में मदद करने में बेहतर होते हैं। आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री श्याम सिंहए, राजा राजावत, डॉ धर्मेंद्र स्पोर्ट्स एंड यूथ अफेयर्स डिपार्टमेंट और हरवीर धनाजी स्पोर्ट्स एजुकेशन डिपार्टमेंट गवर्नमेंट ऑफ हरियाणा से मौजूद रहे।

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