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पहले बिजनेस को उपद्रवियों ने जला दिया; अब वडोदरा में इटालियन पिज्जा बेचकर हर महीने कमा रहे 40 हजार

ऐसे बहुत से लोग हैं। जिन्होंने अपने छोटे से व्यापार से बड़ा नाम कमाया और साथ ही अपने व्यापार को भी बढ़ाया। पेश करते हैं वडोदरा में रहने वाले बिजल दवे की कहानी। बता दे बिजल ने अपना डिप्लोमा कंप्यूटर इंजीनियरिंग में किया है। बिजल को शुरुआत में कोई काम नहीं मिला था।


एक दोस्त कि मदद से वह केन्या चले गए थे वहां उन्हें बर्तन धोने व सब्जियां काटने का काम मिला था। कुछ दिनों बाद बिजल ने काउंटर पर बैठना शुरू कर दिया। इसी दौरान बिजल की पहचान एक इटालियन से हुई, वो वहां अक्सर खाना खाने आया करता था। बिजल बताते है कि इटालियन कस्टमर ने मेरा काम के प्रति जुनून देखा और मुझे कांगो में अपने पिज्जा रेस्टोरेंट में नौकरी दी।

पहले बिजनेस को उपद्रवियों ने जला दिया; अब वडोदरा में इटालियन पिज्जा बेचकर हर महीने कमा रहे 40 हजार
पहले बिजनेस को उपद्रवियों ने जला दिया; अब वडोदरा में इटालियन पिज्जा बेचकर हर महीने कमा रहे 40 हजार


बिजल ने कांगो के उस ‘शे निकोला’ नाम के पिज्जा रेस्टोरेंट में पिज्जा कैसे बनता है, बिजल यह देखते रहते थे।बिजल बताते है कि एक बार सेठ ने देखा कि मैं पिज्जा बनते गौर से देखता रहता हूं। तो सेठ ने पूछा कि क्या तुम्हे पिज्जा बनाना सीखना चाहते हो। बिजल ने हां मैं सीखना चाहता हूं।

इसके बाद क्या था बिजल ने अपने सेठ से बात की और कांगो जाने का प्लान बना लिया। जब बिजल कांगो जा रहे थे तब उनके मकान मालिक ने उन्हें वहां ना जाने की सलाह दी। मकान मालिक का कहना था कि कांगो एक उपद्रवियों का केंद्र है। पर बिजल ने उनकी कोई बात नहीं मानी और वह वहां चले गए।

पहले बिजनेस को उपद्रवियों ने जला दिया; अब वडोदरा में इटालियन पिज्जा बेचकर हर महीने कमा रहे 40 हजार
पहले बिजनेस को उपद्रवियों ने जला दिया; अब वडोदरा में इटालियन पिज्जा बेचकर हर महीने कमा रहे 40 हजार



बिजल ने वहां पार्टनरशिप के तौर पिज्जा की दुकान तो खोल ली,लेकिन कुछ समय बाद वहां के उपद्रवियों ने बिजल की दुकान जला दी। बिजल बहुत निराश हुए पर उन्होंने हार नहीं मानी। उन्हें इस बात का एहसास हो गया था कि मकान मालिक कि बात ना मान कर उन्होंने बहुत बड़ी गलती कि हैं। हालांकि इस हादसे के बाद बिजल ने हार नहीं मानी और उन्होंने सोचा कि अब वह अपने देश में ही कुछ करेंगे।


साल 2019 में बिजल वडोदरा लौट आए। बिजल वडोदरा लौट तो आए पर अभी भी वह ये नहीं समझ पा रहे थे कि वो शुरुआत कैसे करे। बिजल बताते हैं। कि वह विदेश से कुछ कमाकर नहीं लाए थे। हालांकि उन्होंने इटालियन पिज्जा बनाने की कला सीखी थी। फिर उन्होंने एक पिज्जा रेस्टोरेंट शुरू करने का फैसला किया।

पहले बिजनेस को उपद्रवियों ने जला दिया; अब वडोदरा में इटालियन पिज्जा बेचकर हर महीने कमा रहे 40 हजार
पहले बिजनेस को उपद्रवियों ने जला दिया; अब वडोदरा में इटालियन पिज्जा बेचकर हर महीने कमा रहे 40 हजार

रेस्टोरेंट खोलने का फैसला तो कर लिया पर उनके पास एक लग्जरी पिज्जा रेस्टोरेंट खोलने की उतने पैसे नहीं थी।इसलिए बिजल ने अपनी बिल्डिंग कंपाउंड के खुले स्थान में ग्लस्टोस पेजेरिया नाम से एक रेस्टोरेंट शुरू किया। साथ ही उन्होंने 5 युवाओं को रोजगार भी दिया हुआ है।


बिजल के रेस्टोरेंट में 45 तरह के पिज्जा बनते हैं। बता दे की पूरे वडोदरा में बिजल के पिज्जे की डिमांड है। वह हर महीने वो 2 लाख रुपए का पिज्जा बेच रहे हैं। इससे हर महीने 40 हजार रु उनकी खुद की कमाई हो रही है। हालांकि पूरे वडोदरा में कोई भी इटालियन पिज्जा नहीं बनाता है।

Written By :- Radhika Chaudhary

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