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उम्र 75 और जोश 25 का, जानिए ऐसा क्या कार्य करता है 75 साल का ये बुजुर्ग?

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के एक आंकड़े के मुताबिक 2019 में देशभर में 4,37,396 सड़क दुघर्टनाएं हुईं, इन हादसों में 1,54,732 लोगों की मौत हुई, जबकि 4,39,262 अन्य लोग घायल हुए.

एक रिपोर्ट के मुताबिक बेटे की मौत से पहले गंगाराम बी-ब्लॉक सीलमपुर में टीवी रिपेयरिंग की एक दुकान चलाते थे. उनका 40 वर्षीय बेटा मुकेश भी उनके साथ ही काम करता था. करीब आठ साल पहले उनके बेटे मुकेश को सीलमपुर चौक पर एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी जिसमें उनकी जान चली गई.

ट्रैफिक पुलिस के लोगों से अच्छी जान पहचान के कारण गंगाराम ट्रैफिक वार्डन का आईकार्ड बनवाने में सफल रहे और उन्होंने अपनी ड्यूटी शुरू कर दी. वो सुबह आठ से रात साढ़े आठ बजे तक सीलमपुर चौक पर मुफ्त में अपनी सेवा देते हैं. 

सड़क हादसों में किसी अपने को खोने का दर्द क्या होता है, 75 वर्षीय गंगाराम से बेहतर कोई नहीं समझ सकता. गंगाराम वो बदनसीब बाप हैं, जिन्होंने सड़क दुर्घटना में अपना बेटा खो दिया और अब इस कोशिश में लगे हैं कि कोई और बाप उनके जैसा दर्द न झेले.

बेटे की मौत के बाद गंगाराम ने खुद को दूसरों के लिए समर्पित कर दिया है. वो पिछले 32 साल से बिना वेतन के राजधानी दिल्ली के सीलमपुर चौक में ट्रैफिक पुलिस की वर्दी पहनकर पहुंचते हैं और ट्रैफिक कंट्रोल करते हैं. 

गंगाराम के इस काम से प्रभावित होकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने गांधी नगर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें सम्मानित कर चुके हैं. ट्रैफिक पुलिस के जवानों की मदद और बहू की सैलरी पर गंगाराम का घर चल रहा है. गंगाराम की कुर्बानी और जज्बा सलाम का हकदार है!

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