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मैजिक पेन से बदल देते थे कम राशि को बड़ी राशि में, करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश

अपने आप को मारुति व हुंडई कम्पनी का कर्मचारी बताकर कार की वारन्टी एक्सटेंड करने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक साइबर गिरोह के 4 सदस्यों को साइबर अपराध थाना की टीम ने गिरफ्तार किया है।
डीसीपी मुख्यालय डॉ अर्पित जैन ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों का वारदात करने का तरीका कुछ इस प्रकार था कि आरोपी अपने आप को मारुति व हुंडई कम्पनी का कर्मचारी बताकर लोगों को कॉल करते थे। उनकी गाड़ी की वारन्टी एक्सटेंड करवाने के नाम पर कम रकम का चैक मैजिक पैन से भरवाया जाता था। इसके पश्चात् पीड़ित के रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर की कॉल अपने नम्बर पर डाईवर्ट की जाती थी और आरोपी बैंक में जाकर उस चैक में रकम बदलकर बैंक में जमा करवा देते थे।

बैंक कर्मचारी द्वारा रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर पर वेरिफिकेशन कॉल की जाती थी, जिसे आरोपियों द्वारा ही वेरीफाई किया जाता था। क्योंकि चेक के असल मालिक की कॉल आरोपी अपने नंबर पर डाइवर्ट करवा लेते थे।

आरोपियों ने सैक्टर 15 के रहने वाले पीडित अशोक खन्ना को इसी तरह से झांसा देकर उससे 1100 रुपये का चैक मैजिक पैन से भरवाकर। उसके सैन्ट्रल बैंक आफॅ इंडिया के खाते से करीब 1 लाख 90 हजार रूपये धोखाधडी से निकाल लिए।
पीड़ित अशोक ने इसकी शिकायत पुलिस स्टेशन साइबर अपराध में की । जिस पर दिनांक 16 जनवरी को पुलिस स्टेशन साइबर अपराध 420 का मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस आयुक्त ओ पी सिंह ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपियो को जल्द पकड़ने के आदेश जारी किए थे।
पुलिस उपायुक्त अपराध मुकेश मल्होत्रा, सहायक पुलिस आयुक्त अनिल यादव के दिशा.निर्देशों के तहत साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक बसन्त कुमार की अगुवाई में एसआई नरेंद्र, एसआई राजेश, एचसी दिनेश और अन्य पुलिसकर्मियों सहित एक टीम का गठन किया गया था।
पुलिस टीम ने साइबर तकनीक का प्रयोग करते हुए 4 आरोपियों को दिल्ली के हर्ष विहार एरिया से गिरफतार करके पुलिस रिमांड पर लिया गया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पवन उर्फ गौरव, राहुल, बलबीर और अमित उर्फ मोना का नाम शामिल है। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अर्पित जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों ने इसी तरह से एनसीआर एरिया में कई लोगों से एक करोड़ रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया हुआ है।
आरोपी जस्टडायल से लोगों के नंबर हासिल करते थे। आरोपी पवन और बलवीर लोगों को फसाने का काम करते थे और आरोपी राहुल और अमित चेक को कैश कराने का काम करते थे। आरोपी पवन और बलबीर दोनों दोस्त हैं। आरोपियों के कब्जे से नकद 1 लाख 90 हजार रूपये व वादात में प्रायोग मोबाईल फोन, वोटर आई डी कार्ड, मैजिक पैन व एक पीठु बैग बरामद किया गया है।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने 2 अन्य वारदातों का खुलासा किया है। आरोपियों के खिलाफ पहला मुकदमा दिनांक 29 अक्टूबर को थाना सैक्टर 31 में दर्ज हुआ।


आरोपियों ने पीडित से 1050 रुपये का चैक मैंजिक पैन से भरवाकर पंजाब नेशनल बैंकए सैक्टर 15ए फरीदाबाद ब्रांच में जाकर उस चैक में रकम बदलकर धोखाधडी से 3 लाख 40 हजार रुपये निकाल लिए। इस मुकदमे में आरोपियों के कब्जे 2 लाख रुपए बरामद किए गए हैं।
एक अन्य मुकदमें में जोकि थाना सराय ख्वाजा फरीदाबाद में दर्ज हैं जिसमे आरोपियों ने पीडित से 1150 रुपये का चैक मैंजिक पैन से भरवाकर पंजाब नेशनल बैंक सैक्टर 37ए फरीदाबाद ब्रांच में जाकर उस चैक में रकम बदलकर धोखाधडी से 1 लाख 500 रुपये निकाल लिये।
इस मुकदमे में आरोपियों से 50 हजार रुपए बरामद किए गए हैं।


पुलिस ने सोमवार को आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। दिल्ली पुलिस, गुरुग्राम पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में सूचना दी गई है।
पुलिस के द्वारा पवन उर्फ गौरव, राहुल, बलबीर उर्फ बल्लु उर्फ अंकित और अमित सक्सेना उर्फ मोना को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा भी आरोपियों ने एनसीआर क्षेत्र से करीब 40 से अधिक वारदातों को अन्जाम देना कबूल किया है। डाॅक्टर अर्पित जैन ने लोगों से अपील है कि अनावश्यक तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी डिटेल शेयर ना करें।

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