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चक्काजाम की सूचना से गृह मंत्री अनिल विज के उड़े होश, परेशान विज ने किसानों को कराया शांत

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केंद्र सरकार का कृषि कानून हरियाणा के नेताओं को खून के आंसू रुला रहा है। यही कारण है कि किसानों के आंदोलन से परेशान गृह मंत्री अनिल विज अब उन्हें शांत कराने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं।

आलम यह है कि किसान किसी भी नेता की बातों में आने की वजह अपने आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

चक्काजाम की सूचना से गृह मंत्री अनिल विज के उड़े होश, परेशान विज ने किसानों को कराया शांत

इसी कड़ी में जब 6 फरवरी को होने वाले चक्का जाम के बारे में हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने सुना तो वह यह उठे कि किसानों का आंदोलन अब एक राजनीतिक प्लेटफॉर्म बन चुका है। सरकार ने अब भी बातचीत के रास्ते खुले रखे हैं, ऐसे में किसानों को 6 फरवरी को चक्काजाम नहीं करना चाहिए।

गौरतलब, गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान जान गंवाने वाले किसान के परिजनों से रामपुर पहुंचकर प्रियंका गांधी ने मुलाकात की थी। जहां पहुंच उन्होंने कहा कि “एक शहीद का परिवार उसकी शहादत को कभी नहीं भूल सकता है।

चक्काजाम की सूचना से गृह मंत्री अनिल विज के उड़े होश, परेशान विज ने किसानों को कराया शांत

गांधी ने कहा कि आपका बेटा किसानों का समर्थन करने के लिए दिल्ली गया था, लेकिन उसके साथ ऐसा हादसा हुआ कि वह अब कभी वापस ही भी आ सकेगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक साजिश के लिए वो वहां नहीं गया था, वो इसलिए गया, क्योंकि उसके दिल में किसानों के लिए दुख था।”

वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस के आयुक्त ने कहा, “संसद सदस्य विरोध स्थल (गाजीपुर सीमा) पर जाना चाहते थे। हमने उन्हें सूचित किया ऐसा संभव नहीं, क्योंकि हमने कानून और व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर सड़क पर मोर्चाबंदी की है। हमने उन्हें वैकल्पिक मार्ग से अवगत कराया और उन्हें एस्कॉर्ट करने का प्रस्ताव दिया।”

चक्काजाम की सूचना से गृह मंत्री अनिल विज के उड़े होश, परेशान विज ने किसानों को कराया शांत

दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों को वापिस लिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों से पीएम मोदी की एक कॉल की अपील पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने तंज कसा है।

संजय सिंह ने कहा कि एक कॉल की दूरी पर किसान ही क्यों, प्रधानमंत्री भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान 11 बार आपके दरवाजे पर आ चुका है। एक बार प्रधानमंत्री भी कॉल कर दें। संजय सिंह ने कहा कि जब किसानों से वोट मांगने जा सकते हैं तो एक कॉल करने में कोई बुराई क्या है।

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