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23 साल की उम्र में आपदा को बदला अवसर में, हर महीने घर बैठे कमा रहे है 1 लाख रुपए

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आज की कहानी बेहद खास और स्पेशल है क्योंकि आज की कहानी है फूड पर। जिन लोगो को खाने से बहुत प्यार है उनके लिए यह कहानी बड़ी ही स्पेशल होने वाली है। यह कहानी है जम्मू के रहने वाले नरेन सराफ की।

23 साल के नरेन ने अपनी पढ़ाई होटल मैनेजमेंट से की है उनको होटल मैनेजमेंट का शौक बचपन से ही था। जब सराफ ने इंटर्नशिप के लिए जोधपुर के उमेद भवन में अप्लाई किया तो उनका सिलेक्शन वहां हो गया उनका काम सबको इतना पसदं आया कि उसके बाद उनकी प्रोफाइल को होटल में भेज दिया गया वहां भी उनका सिलेक्शन हो गया था।

23 साल की उम्र में आपदा को बदला अवसर में, हर महीने घर बैठे कमा रहे है 1 लाख रुपए

लेकिन शायद सराफ की किस्मत में ही नहीं था होटल में काम करना क्योंकि 2020 में सितंबर उनको जॉइन करना था मगर महामारी के चलते देशभर में लॉकडाउन लग गया जिसके कारण उनकी जोइनिंग नहीं हो पाई। महामारी के बीच हर किसी ने कुछ न कुछ नया शुरू किया था ठीक ऐसे ही नरेन ने लॉकडाउन के दौरान खुदका काम शुरू करने का फैसला लिया।

सराफ ने अपने घर में कुछ डिशेस बनानी चालू की जो उनके अंदाज में थोड़ी अलग थी। इसके बाद उन्होंने कुछ वेज और नॉन वेज रेसिपी बनाई और रिश्तेदारों को खिलाया। उनके बनाए खाने का टेस्ट लोगों को पसंद आया। इसके बाद सराफ ने तय किया कि वे अपना ही रेस्टोरेंट खोलेंगे। सराफ ने अपने बनाये इस रेस्टोरेंट को नाम दिया ‘ आउट ऑफ द बॉक्स ‘ जो काफी यूनिक था।

23 साल की उम्र में आपदा को बदला अवसर में, हर महीने घर बैठे कमा रहे है 1 लाख रुपए

इस रेस्टोरेंट में सराफ ने स्पेशल मेन्यू तैयार किया। जिसमें नॉर्थ इंडियन वेज- नॉन वेज, साउथ इंडियन, गाली स्टाइल फिश और कीमा राजमा जैसे फूड शामिल किए। इसके साथ ही युवाओं के टेस्ट को ध्यान में रखते हुए काबली कबाब और बर्गर बनाना शुरू किया। डीजिटल की इस दुनिया में नरेन ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए अपने रेस्टोरेंट का मेन्यू शेयर किया जिसमें उनके दोस्तों ने भी उनका सपोर्ट किया।

आज नरेन अपनी हाथ की बनाई हुई डिशेस से सबका दिल जीत रहे है। उनके हाथ में ऐसा जादू है कि हर कोई उनके खाने का फैन हो जाये। आपको बता दे कि सराफ अपनी सारी डिशेस घर के किचन में ही बनते है जो एकदम स्वस्छ और साफ होती है उसमे किसी भी प्रकार की कोई गंदगी नहीं मिलेगी। नरेन ने दो सेवाएं अपने गाहकों के लिए उपलब्ध कराई हुई है यानी या तो आप खाना घर ले जा सकते है या सराफ खुद आपको घर पहुंचाएंगे।

23 साल की उम्र में आपदा को बदला अवसर में, हर महीने घर बैठे कमा रहे है 1 लाख रुपए

यह गाहकों पर निर्भर करता है कि वह किस तरह की सुविधा चाहते है। सराफ के हर ऑर्डर की कीमत 1500- 2000 होती है और उन्हें प्रतिदिन 8 से 10 ऑर्डर मिल जाते है जिसमे आधे से ज्यादा फैमिली ऑर्डर होते है इसके जरिये सराफ हर दिन 3-4 हजार कमा रहे है।

कहते हैं, ‘यह स्टार्ट अप का जमाना है, युवाओं को आगे आने की जरूरत है।’ सराफ के मुताबिक उनका यह बचपन से सपना था गाहकों को वहीं पेश किया है। आज वो अपने काम से बेहद खुश है और लजीज, स्वादिष्ट चीजे बनाकर लोगो के दिलो में अपनी जगह बना रहे है।

Written by -Aakriti Tapraniya

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