HomePress Releaseसीनियर आईएएस अधिकारी को हाईकोर्ट ने बताया अज्ञानी और ईर्ष्या से युक्त...

सीनियर आईएएस अधिकारी को हाईकोर्ट ने बताया अज्ञानी और ईर्ष्या से युक्त राजा जैसा

Published on

अज्ञानता का एक अलग आनंद होता है लेकिन यह बहुत छोटी अवधि के लिए होता है। अकसर अज्ञानता का आनंद लेते हुए इसके दूरगामी परिणामों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। जब एक अज्ञानी राजा ईर्ष्या का शिकार हो जाता है तो इसका कहर उसके अधीन राजाओं और प्रजा को झेलना पड़ता है। 1768 में थॉमस ग्रे द्वारा लिखित कविता का यह हिस्सा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका के संदर्भ में अपने आदेश में शामिल किया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सीनियर आईएएस और जूनियर आईएएस के बीच के विवाद में याची को पिसने नहीं दिया जा सकता है। ऐसे में खेमका मामले में हाईकोर्ट ने जूनियर आईएएस जगजीत सिंह के बेटे के हक में फैसला सुनाते हुए उसकी एचसीएस के तौर पर नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है।


मामला हरियाणा में खेल कोटे से एचसीएस की भर्ती से जुड़ा हुआ है। सीनियर आईएएस की शिकायत के बाद जूनियर आईएएस के बेटे अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज विश्वजीत सिंह को नियुक्ति देने से इनकार कर दिया गया था। मामले में सीनियर आईएएस ने याची के खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट पर ही सवाल उठा दिए थे। उन्होंने एचसीएससी चेयरमैन को पत्र लिखकर कहा था कि याची के पिता के खेल निदेशक पद से तबादले के दिन याची को ए ग्रेड का प्रमाणपत्र जारी किया गया था।

सीनियर आईएएस अधिकारी को हाईकोर्ट ने बताया अज्ञानी और ईर्ष्या से युक्त राजा जैसा

वरिष्ठ आईएएस ने मामले की जांच और पिता-पुत्र पर केस दर्ज करने की सरकार से मांग की थी। इसके बाद सरकार ने नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। इस फैसले को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि खेल कोटा में उसकी पहली रैंक थी। बावजूद इसके दूसरी रैंक वाले को नियुक्ति दी गई। याची के दस्तावेज में कोई खामी नहीं है और वह किसी भी जांच के लिए तैयार है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने रिकार्ड में पाया कि सर्टिफिकेट में कोई खामी नहीं है। इसके बाद याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने अन्य आवेदकों की नियुक्ति की तिथि से उसे वरिष्ठता प्रदान कर नियुक्तिपत्र जारी करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि खेमका ने जो भी सवाल उठाए हैं हाई कोर्ट द्वारा दस्तावेजों के निरीक्षण के बाद वह सवाल नहीं ठहरते हैं। ऐसे में याची को जारी किया गया ग्रेडेशन सर्टिफिकेट मानकों के अनुरूप है।

हाईकोर्ट ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है कि खेमका को खेलों में कोई मेडल प्राप्त हुआ हो। बल्कि खेमका द्वारा दी गई शिकायत यह व्यक्त करती है कि खेल और मेडल के बारे में उनका ज्ञान कितना कम है। जब विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स बॉडी यह कह चुके हैं कि यह एक टीम खेल है और प्रत्येक खिलाड़ी के खेल का प्रभाव टीम पर पड़ता है तब खेमका यह कहते हैं कि याची ने निजी तौर पर 16 रैंक पाया है और टीम को सिल्वर मेडल मिला है तब वह कैसे याची पर सवाल उठा सकते हैं।

सीनियर आईएएस अधिकारी को हाईकोर्ट ने बताया अज्ञानी और ईर्ष्या से युक्त राजा जैसा

सब के खिलाफ गए खेमका
हाईकोर्ट ने कहा कि जब खेल निदेशक तथा खेल विभाग के प्रधान सचिव याची को खेल में ए ग्रेड का सर्टिफिकेट देने को सही मान चुके हैं तो ना जाने क्यों खेमका उनके खिलाफ गए। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री कार्यालय के खिलाफ जाकर भी उन्होंने मुख्यमंत्री से अपनी शिकायत के बारे में निजी सुनवाई हेतु कई बार आवेदन किया। इसके साथ ही पिता और पुत्र के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने की वह लगातार मांग करते रहे।

Latest articles

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती – रेणु भाटिया (हरियाणा महिला आयोग की Chairperson)

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसके लिए मैं कुछ भी...

नृत्य मेरे लिए पूजा के योग्य है: कशीना

एक शिक्षक के रूप में होने और MRIS 14( मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर...

महारानी की प्राण प्रतिष्ठा दिवस पर रक्तदान कर बनें पुण्य के भागी : भारत अरोड़ा

श्री महारानी वैष्णव देवी मंदिर संस्थान द्वारा महारानी की प्राण प्रतिष्ठा दिवस के...

पुलिस का दुरूपयोग कर रही है भाजपा सरकार-विधायक नीरज शर्मा

आज दिनांक 26 फरवरी को एनआईटी फरीदाबाद से विधायक नीरज शर्मा ने बहादुरगढ में...

More like this

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती – रेणु भाटिया (हरियाणा महिला आयोग की Chairperson)

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसके लिए मैं कुछ भी...

नृत्य मेरे लिए पूजा के योग्य है: कशीना

एक शिक्षक के रूप में होने और MRIS 14( मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर...

महारानी की प्राण प्रतिष्ठा दिवस पर रक्तदान कर बनें पुण्य के भागी : भारत अरोड़ा

श्री महारानी वैष्णव देवी मंदिर संस्थान द्वारा महारानी की प्राण प्रतिष्ठा दिवस के...