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सूरजकुंड – एक ऐतिहासिक धरोहर हरियाणा के इतिहास से

सूरजकुंड दक्षिण दिल्ली से लगभग 8 किमी  हरियाणा राज्य के फरीदाबाद शहर में अरावली पहाड़ी  के दक्षिणी दिल्ली रिज पर एम्फीथिएटर या सभागार जैसा एक बड़ा सा कुंड  है, जो 6 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है। इस जलाशय के तल भाग की चौढ़ाइ 130 मीटर की है। सूर्य को श्रद्धांजलि देने हेतु बनाया गया यह कुंड, पूर्वी दिशा में ढला हुआ होने के कारण देखने वाले को यह दृश्य उगते हुए सूर्य सा प्रतीत होता है। भारत में व्यापक रूप से उगते हुए सूर्य को पूजा जाता है।

इस कुंड को सूरजकुंड नाम देने के पीछे कुछ खास कारण हैं। पहला तोमर कुल, जिनके द्वारा 10वी शताब्दी में यह कुंड बनवाया गया था वे सूर्य उपासक हुआ करते थे। दूसरा, इस कुल के किसी राजा का नाम सूरज पाल था और संभवतः इस कुंड का नामकरण उन्हीं के नाम पर किया गया होगा। कहा जाता है कि जिस स्थान पर सूरजकुंड स्थित है वहां पर पहले तोमर राजाओं की राजधानी हुआ करती थी

यह जगह सूरजकुंड हैंडीक्राफ्ट मिले के लिए मशहूर है जिसमें  देश विदेश  से बड़े-बड़े शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं व देश विदेश से  सैलानी यहां पर खरीदारी करते हैं आप भी फरीदाबाद में इतिहास की अनूठी संरचना को देख सकते हैं

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Surajkund is an old Heritage of the tenth century situated on Southern Delhi Ridge of Aravalli extend in Faridabad city of Haryana state around 8 km from South Delhi. Surajkund (strict importance is ‘Pool of the Sun’) is a counterfeit (‘Kund’ signifies “lake” o) worked in the scenery of the Aravalli slopes with an amphitheater molded built in half circle structure. It is said to have been worked by the lord Surajpal of Tomar line in the tenth century. Tomar, a more youthful child of Anangpal Tomar – the leader of Delhi, was a sun admirer and he had in this way fabricated a Sun sanctuary on its western bank Surajkund is known for its yearly reasonable “Surajkund International Craft Mela

ADDRESS : Suraj Kund Rd, Lakewood city, Surajkund, Faridabad, Haryana 121010

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