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पर्यटक कर रहे है सूरजकुंड मेले को मिस, पिछले वर्ष मेहंदी प्रतियोगिता का हुआ था आयोजन

अरावली के वादियों में लगने वाला सूरजकुंड मेला इस बार नही लग रहा है, जिससे हरियाणा पर्यटन विभाग को रेवेन्यू का तो नुकसान हो ही रहा है है साथ में पर्यटक भी इस मेले में काफी याद कर रहे है।

दरअसल, कोरोना के चलते इस बार अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला इस बार फरवरी में नही लग पाया। इस वर्ष 35वां सूरजकुंड मेले का आयोजन नही होने वाला है परंतु कोरोना के चलते इसे बार मेले के समय को आगे बढ़ा दिया गया। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में मिनी भारत की झलक देखने को मिलती है।

इस मेले में देश – विदेश के कलाकार और हस्तशिल्पी हिस्सा लेते है। मेले में अलग – अलग संस्कृति की छठा देखने को मिलती है परन्तु इस बार कोरोना के चलते मेले का आयोजन नही हो पाया है। सूरजकुंड मेला इंचार्ज राजेश जून ने बताया कि कोरोना के चलते इस बार मेला फरवरी में नही लग पाया है। अप्रैल में उच्च अधिकारियों की मीटिंग में यह फैसला लिया जाएगा कि मेले का आयोजन होगा या नही। हालांकि सितंबर में मेले का आयोजन होने की उम्मीद है।


मेले का आयोजन ना होने से पर्यटन विभाग को भी रेवेन्यू का नुकसान हुआ है वहीं पर्यटक भी मेले को मिस कर रहे है। पिछले वर्ष आज यानी 10 फरवरी के दिन दो समूहों में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया और मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

वही जयंत कस्तूर और उनके ग्रुप द्वारा कथक नृत्य का लाइव परफॉर्मेंस दिया गया जिसका लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। आपको बता दे पिछले वर्ष मेले की पार्टनर कंट्री उज़्बेकिस्तान तथा पार्टनर स्टेट हिमाचल प्रदेश थी। पिछले वर्ष हिमाचल प्रदेश की संस्कृति से ओत- प्रोत अपना घर का भी निर्माण किया गया था, जिसका भी लोगों ने काफी लुत्फ उठाया।

बहरहाल, कोरोना के चलते इस बार मेले का आयोजन नही हो पाया मगर साल के मध्य में मेले का आयोजन होने की उम्मीद है।

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