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मानसिक रूप से परेशान सुपरवाइजर ने लगाई नहर में छलांग, नहीं मिला शव

एक साल महामारी का दौर रहा। वहीं अब लोग मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगे है। जिसकी वजह से कोई न कोई आए दिन सुसाइड करने की कोशिश करता है। ऐसा ही एक मामला शुकवार को थाना शहर में दर्ज किया गया।


शुक्रवार सुबह 9 बजे आगरा में तिगांव पुल के पास दिल्ली मेट्रो स्टेशन में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत युवक ने छलांग लगाई। जैसे ही वहां से गुजरने वाले लोगों ने देखा कि कोई नहर में कूद गया है उसके बाद उसको बचाने के लिए भी नहर में कूदे।

मानसिक रूप से परेशान सुपरवाइजर ने लगाई नहर में छलांग, नहीं मिला शव
मानसिक रूप से परेशान सुपरवाइजर ने लगाई नहर में छलांग, नहीं मिला शव

लेकिन काफी मशक्त के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। बताया जा रहा है कि युवक सुबह घर से कार लेकर निकला था। युवक काफी लंबे समय से दिमागी तौर पर बीमार था। उसकी कार नहर के पास खड़ी मिली।


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सेक्टर 2 निवासी रोहताश ने बताया कि उनको बेटा सागर अपने परिवार के साथ रहते हैं। सागर के दो बच्चे हैं। वह खुद भी दिल्ली मेट्रो में नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि सागर काफी दिनों से मानसिक रूप से परेशान था।

मानसिक रूप से परेशान सुपरवाइजर ने लगाई नहर में छलांग, नहीं मिला शव
मानसिक रूप से परेशान सुपरवाइजर ने लगाई नहर में छलांग, नहीं मिला शव

जिसका उपचार डाॅक्टर के द्वारा चल रहा था। लेकिन शुक्रवार सुबह सागर कार लेकर घर से बाहर निकले थे। कुछ देर बाद सूचना मिली की सागर ने आगरा नहर में तिगांव पुल से छलांग लगा दी। सागर को बचाने के लिए कुछ युवक नहर में कूद भी लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

मानसिक रूप से परेशान सुपरवाइजर ने लगाई नहर में छलांग, नहीं मिला शव
मानसिक रूप से परेशान सुपरवाइजर ने लगाई नहर में छलांग, नहीं मिला शव

जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर फायर ब्रिगेड के गोताखोर और कालिंदी कुंज से कुछ निजी गोताखोर बुलाए। सुबह से लेकर शाम तक गोताखोर उन्हें नहर में ढूंढ़ते रहे लेकिन सागर का कोई सुराग नहीं मिला। थाना शहर प्रभारी सुदीप कुमार ने कहा कि उन्होंने नहर का पानी कम करने और एनडीआरएफ के गोताखोर बुलाने के लिए पत्र लिख कर उपायुक्त के पास भेज दिया है।

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