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बच्चों की आस पर फिर रहा है पानी , अधूरे बने स्कूल की पूरी कहानी

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देश की नींव मजबूत करने के लिए लोगो में शिक्षा का होना कितना आवशयक है इस बात से सभी परिचित है लेकिन शिक्षा प्रणाली पर हमेशा से ही सवाल खड़े होते आये है । प्रदेश में सरकारी स्कूल के हालत देखकर मन में विचार आता है।

की कैसे उन स्कूलों में बच्चो के भविष्य की नींव रखी जाएगी । कैसे इन विद्यालय मे पढ़कर बच्चे खुद को शिक्षित होंगे कैसे होगा सपना साकर उन आँखों का जिन्होंने देखा है खुद सक्षम होते हुए।

बच्चों की आस पर फिर रहा है पानी , अधूरे बने स्कूल की पूरी कहानी

बात करें अंबेडकर चौक स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की तो कुछ ही समय पहले मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शिक्षा की सौगात दी थी लेकिन इसके बाद भी यहां के विद्यार्थी पीने के पानी की समस्या, पढ़ने के लिए लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब और बैठने के लिए बेंच तक को तरस गए हैं

स्कूल के प्रधानाध्यापक धर्मवीर का कहना है कि अधिकारियों को इस मामले में कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं लेकिन अभी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है इस विद्यालय में करीब 1591 बच्चे पढ़ते हैं।

बच्चों की आस पर फिर रहा है पानी , अधूरे बने स्कूल की पूरी कहानी

व्यवस्था के अभाव में अलग-अलग शिफ्ट में विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं पहली शिफ्ट में लगभग 415 विद्यार्थी होते हैं तो दूसरे से 1138 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं स्कूल की पुरानी इमारत में आज भी 11 स्कूल की कक्षा लगाई जा रही है

वही बात की जाए 15 कक्षाओं इधर-उधर करके लगाया जा रहा है क्योंकि स्कूल के तीन कमरों में आज भी पीडब्ल्यूडी का सामान रखा हुआ है स्थिति ऐसी है कि कई कक्षाएं खुले आसमान में लगाई जा रही हैं ।

व्यवस्थाओ की बात करे तो स्थिति डामाडोल ही नजर आ रही है यहां पर बच्चों के बैठने के लिए बेंच तक भी नहीं है इन सभी बच्चों को पढ़ने के लिए फर्श पर बैठना पड़ता है इमारत का निर्माण कार्य भी इस प्रकार किया गया है कि उसमें कई तरह की कमियां रह गई है।

प्रधानाचार्य धर्मवीर यादव का कहना है कि इस समय पहले ही हम कोरोना काल से जूझ रहे हैं मुश्किल से बच्चों की क्लास से शुरू हुई थी ऐसे में नई इमारत में कक्षा लगाई लेकिन बच्चों के बैठने के लिए ना बेंच है ना ही कोई अन्य सुविधाएं दी गई है

बच्चों की आस पर फिर रहा है पानी , अधूरे बने स्कूल की पूरी कहानी

बच्चे टाट पट्टी पर बैठने के लिए मजबूर है और उन्हीं पर बैठकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं निर्गुण हो रही बिल्डिंग में अभी तक पानी का कनेक्शन नहीं किया गया है इसी प्रकार क्लास शिफ्ट वाईस लगाया जा रहा है

इस बारे में पी डब्ल्यू के एक्सईएन प्रदीप कुमार का कहना है कि नई इमारत में विद्यालय प्रशासन को सौंप दी गई है हालांकि अभी कुछ कमियां रह गई हैं जिन्हें जल्दी पूरा कर लिया जाएगा उम्मीद है पानी का कनेक्शन सोमवार को जोड़ दिया जाएगा।

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