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सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत सोमवार को कर्मचारियों ने ओल्ड फरीदाबाद के विधायक को कर्मियों की लंबित मांगों का ज्ञापन सौंपा।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत सोमवार को कर्मचारियों ने ओल्ड फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र गुप्ता को कर्मियों की लंबित मांगों का ज्ञापन सौंपा।

विधायक नरेंद्र गुप्ता नेे सकसं केे प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि बजट सत्र में कर्मचारियों की ठेका प्रथा समाप्त करने, पुरानी पेंशन बहाल करने व टूरिज्म सहित अन्य विभागों के कर्मियों के बकाया वेतन देने सहित सभी जांयज मांगों को प्रमुखता से उठा कर समाधान करवाया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने से पहले विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारी सेक्टर 11 पुलिस चौकी के पास एकत्रित हुए और वहां से अपनी मांगों के समर्थन और सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में विधायक के कार्यलय पर पहुंचे।

कर्मचारियों का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री, अभारासक महासंघ के कोषाध्यक्ष श्रीपाल सिंह भाटी, जिला प्रधान अशोक कुमार, सचिव बलबीर सिंह बालगुहेर, उप प्रधान अतर सिंह केशवाल व प्रेस सचिव राजबेल देसवाल,खंड प्रधान करतार सिंह व सचिव सुभाष देसवाल आदि कर रहे थे।

प्रदर्शन में किसान आंदोलन का समर्थन किया और केन्द्र सरकार की किसान विरोधी तीन कृषि कानूनों को रद्द न करने की हठधर्मिता की घोर निन्दा की गई। किसानों का समर्थन करने पर दो जेबीटी टीचरों व प्रोग्राम आफिसर को निलंबित किया गया है।

उन्होंने सरकार के इस कदम को अलोकतांत्रिक एवं जनवादी अधिकारों पर हमला बताते हुए इसकी घोर निन्दा की।

कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सरकार लंबित मांगों का समाधान करने की बजाय उनका दमन एवं उत्पीड़न करके दबाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा व जजपा ने चुनावी घोषणा पत्र में ठेका प्रथा समाप्त कर ठेका कर्मियों को पक्का करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, पंजाब के समान वेतन व पेंशन देने, आंगनबाड़ी, आशा व मिड डे मील वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी करने आदि अनेक वादे किए थे।

लेकिन सरकार ने इन वादों को पूरा करने की बजाय सरकारी विभागों को निजी हाथों में सौंपने की मुहिम को तेज कर दिया है। इसके साथ ही कोविड 19 को अवसर में बदलकर श्रम कानूनों को समाप्त कर लेबर कोड्स बना दिए हैं और कर्मचारियों के डीए व एलटीसी को बंद कर दिया है और इसमें पेंशनर्स तक को नही बक्शा गया।

उन्होंने कहा कि प्री मेच्योर रिटायरमेंट करने, प्रमोशन व एसीपी में टेस्ट की शर्त लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी देकर सरकार ने कर्मचारियों पर ताजा हमले किए गए।

प्रदर्शन में अन्य के अलावा सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व विभागीय संगठनों के पदाधिकारी शब्बीर अहमद गनी, दिनेश शर्मा, डिगम्बर डागर, बीरेंद्र शर्मा, गुरचरण खाडियां, बल्लू प्रधान, गांधी सहरावत, अतर सिंह केशवाल आदि मौजूद थे।

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