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संक्रमित मकान में नहीं खिलाई जाएगी दवाई, स्वास्थ्य विभाग की ओर से आए आदेश

स्वास्थ्य विभाग के द्वारा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 23 फरवरी से लेकर 3 फरवरी तक चलाया जाएगा। जिसमें 1 साल से लेकर 24 साल तक के युवकों को एल्बेंडाजोल की दवाई खिलाई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार महामारी के चलते इस बार सीरप की जगह टेबलेट दी जा रही है। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी से लेकर 28 फरवरी तक एएनएम, आशा वर्कर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने एरिया में जाकर सभी बच्चों को एल्बेंडाजाॅल की दवाई खिलाएगी।

अगर इस दौरान कोई बच्चा रह जाता है, तो उनको 1 मार्च से लेकर 3 मार्च तक दवाई खिलाई जाएगी। महामारी के चलते इस बार वह स्कूलों में जाकर बच्चों को दवाइयां नहीं दे रहे है। वह उनके घरों में जाकर ही दवाइयां खिला रही हैं।

इन बातों का रखें ध्यान


सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मी को अपना फेस हर समय कवर करना होगा। यह भी सुनिश्चित करेगी कि परिवार के सभी सदस्य ने भी मास्क लगाया हुआ है या नहीं। उसके बाद वह उनका अभिवादन करेगी। इसके लिए वह परिवार जनों से करीब 6 फीट की दूरी बनाए रखेगी। बच्चों को दवाई देने से पहले ही वह घर से ही पानी लेकर अपने हाथ को धोएगी और उसके बाद बच्चों को दवाई खिलाएगी।

इन चीजों को रखे अपने साथ


स्वास्थ्य कर्मी के पास पर्याप्त मात्रा में दवाई होनी चाहिए। साथ ही बच्चे का नाम दर्ज करने के लिए उनके पास प्रपत्र भी होने चाहिए। घर से जब भी है लाभार्थी के लिए पानी लेती है तो वह साफ और गिलास भी साफ होना चाहिए। यह भी स्वास्थ्य कर्मी को ही सुनिश्चित करना होगा। जैसे कि कुछ बच्चे दवाई नहीं खा पाते हैं।

इसके लिए स्वास्थ्य कर्मी के पास दो चम्मच होनी चाहिए। जिससे कि वह उसका चुरा बनाकर उसको खिला सके। महामारी के चलते इस बार यह भी आदेश दिए गए हैं कि अगर कोई भी स्वास्थ्य कर्मी को बुखार, खांसी, सर-दर्द व अन्य किसी प्रकार के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। तो वह इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगी। क्योंकि इससे अन्य लोगों को भी बीमार होने की आशंका बनी रहती है।

कन्टेनमेंट मकान में नहीं खिलाई जाएगी दवाई

जैसे कि साल 2020 महामारी का दौर रहा। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग कोविद की चपेट में आए थे। लेकिन अब भी जिले में हर रोज कोविद के मरीज पाए जा रहे हैं। इसी वजह से इस बार बच्चों को घर के बाहर ही बुलाकर दवाई दी जा रही है। लेकिन अगर कोई मकान कन्टेनमेंट है तो उस मकान के बच्चों को दवाईयां नहीं दी जाएगी। लेकिन अगर कोई मरीज 20 तारीख से लेकर 3 तारीख के बीच में ठीक हो जाता है तो उसको दवाई दे दी जाएगी।

वीडियो के जरिए किया जागरूक

वैसे तो हर बार स्वास्थ्य कर्मी के द्वारा उनको ट्रेनिंग दी जाती है। लेकिन इस बार महामारी की वजह से सभी सोशल मीडिया पर वीडियों के जरिए जागरूक किया है। जिसमें उनको बताया है कि वह किस प्रकार कार्य करेगी। इसके अलावा उनको यह भी कहा कि वी सभी प्रकार के नियमों का सख्ती से पालन करेगी।

इतना है टारगेट

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस बार जिले के करीब 7 लाख 36 हजार बच्चों को एल्बेंडाजाॅल की दवाई खिलाई जाएगी। इसके अलावा इस कार्यक्रम में 147 एएनएम, 1037 आशा वर्कर्स और 1294 आगंनवाड़ी कार्यकर्ता कार्य कर रही है।

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