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हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ‘जैव चिकित्सा अपशिष्ट’ के प्रबंधन के लिए जारी किए दिशा-निर्देश

कोरोना के दिन-प्रतिदिन बढ़ते खतरे को देख हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गुरुवार को COVID-19 से ग्रसित रोगियों के उपचार से प्राप्त ‘जैव चिकित्सा अपशिष्ट’ के प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं और साथ ही इन सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के भी आदेश बोर्ड द्वारा दिये गए हैं|

जानते हैं विस्तार से ‘प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड’ द्वारा जारी दिशा-निर्देश-

यह बात हम सभी जानते हैं कि कोरोना का सफाई और सावधानी के अलावा कोई भी इलाज नहीं है| कोरोना एक ऐसी बीमारी है जो सिर्फ संक्रमित व्यक्तियों के ही नहीं बल्कि संक्रमित वस्तुओं के संपर्क में आने से भी फैल सकती है| बता दें कि अधिसूचना के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने Covid-19  रोगियों के, नमूना संग्रह करने वाले केन्द्रों, प्रयोगशालाओं और आइसोलेशन वार्ड रखने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को इन सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है, ताकि संदिग्ध के उपचार के दौरान उत्पन्न ‘जैव चिकित्सा अपशिष्ट’ का सुरक्षित प्रबंधन किया जा सके-


• दिशा-निर्देशों में वार्डों में अलग-अलग कलर से कोडिंग किए गए कचरों के डिब्बे, बैग आदि को रखने के लिए कहा गया है| साथ ही जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत कचरे के समुचित पृथक्करण को बनाए रखने के भी निर्देश बोर्ड द्वारा दिए गए हैं|


• COVID-19 वार्डों से बायो-मेडिकल कचरा इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैग और कंटेनरों को लेबल करना अनिवार्य है| सामान्य जैव-चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधा (CBMWTF) को सक्षम बनाने के लिए उन्हें COVID-19 कचरे के रूप में लेबल किया जाना चाहिए, ताकि प्राप्त होने पर प्राथमिकता उपचार और निपटान के लिए कचरे की आसानी से पहचान की जा सके|


• दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि जैव-चिकित्सा अपशिष्ट केवल CBMWTF के कर्मचारियों द्वारा ही अलग-अलग संग्रहित किया जाना चाहिए|


• COVID-19 कचरे को संग्रहित करने में प्रयोग होने वाले डिब्बे, ट्रॉलियों और कंटेनर की अंदरूनी और बाहरी सतह को सोडियम हाइपोक्लोराइट का प्रयोग कर कीटाणुरहित किया जाना चाहिए|


• दिशानिर्देशों में अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं को भी सलाह दी गई है कि वे कचरे को एकत्रित करते समय पूरी सावधानी बरतें|


HSPCB के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप सिंह ने कहा, “हमने ऐसे दिशानिर्देश तैयार किए हैं, जो सभी स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं, प्रयोगशालाओं और संग्रह केंद्रों में परिचालित किए जाते हंि ताकि मानदंडों का कड़ाई से पालन किया जा सके| इसका उद्देश्य कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकना है| यदि किसी के द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी|

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