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गरीबों को खिलाना है खाना, तो दाल रोटी वालों को करे डोनेट

अगर आपके घर में आज कोई शुभदिन है। तो आप भी कर सकते है दाल रोटी वालों के साथ मिलकर दान। क्योंकि यह दाल रोटी वाले गरीब लोगों को स्वच्छ व ताजा खाना खिलाते है। दाल रोटी वाले हफ्ते में तीन दिन गरीब लोगों को ताजा खाना खिलाते है।

डीआरडब्ल्यू सोशल ऑर्गेनाइजेशन के मेंबर योगेश ने बताया कि उनकी टीम का नाम दाल रोटी वाले सोशल ऑर्गेनाइजेशन है।

उनके द्वारा यह नाम इसलिए रखा गया है क्योंकि गरीब लोगों को कोई भी ताजा व स्वच्छ खाना नहीं खिलाता है। इसलिए उनकी टीम उन गरीबों को ताजा दाल रोटी लिखती है। एक दिन कुछ दोस्त एक साथ बैठे हुए थे।

तभी उन दोस्तों के बीच में बात चली की खाने को बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन कभी भी यह बात नहीं की गई कि गरीबों को बासा खाना तो दिया जाता है।

लेकिन ताजा खाना क्यों नहीं दिया जाता। इसी के चलते उनकी टीम के द्वारा इस मुहिम को शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि उनके दोस्तों के द्वारा यह मुहिम एनआईटी 3 नंबर ईएसआईसी मेडिकल काॅलेज व अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को ताजा खाना खिला कर शुरू की गई।

उन्होंने साल 2019 दिसंबर में शुरू की थी। उसी दौरान एक साल के लिए उनकी बुकिंग हो गई थी। लेकिन महामारी की वजह से इस कार्य को बंद करना पड़ा। लेकिन सितंबर 2020 से उनकी टीम के द्वारा दोबारा से इसको शुरू किया गया।

उन्होंने बताया कि अब हर हफ्ते तीन दिन दो जगहों पर गरीबों लोगों को ताजा व स्वच्छ खाना खिलाया जाता है। मंगलवार और शनिवार को सेक्टर 15 के कम्यूनिटी सेंटर और गुरूवार को सेक्टर 89 में करीब 200 गरीब लोगों को खाना खिलाया जाता है।

कैसे आता है डोनेशन

योगेश ने बताया कि अगर किसी के घर में कोई भी शुभदिन या किसी बड़े बुजुर्ग की पुण्यतिथि होती है तो वह उनकी टीम को पैसे दे देते है। जिसके बाद वह उस बजट में आने वाला खाने को गरीबों में डोनेट करते है। उनके टीम में अभी करीब 70 से 80 लोग मौजूद है।

जिसमें गौरवए प्रेम, शरद, अखिलेश, मनोज कुमार, अनुशीट, हरिश, सौम्या, दीपिका, विपिन और अपूर्वा आदि शामिल है जो कार्य करते है। अब इन दोनों एरिया में रहने वाले गरीब लोगों को पता है कि उनको किसी दिन ताजा व स्वच्छ खाना मिलेगा।

ऐसे बनवाते है खाना

योगेश ने बताया कि उनकी टीम को जो भी प्रायोजक करता है तो वह खुद घर से खाना बनाकर देते है। लेकिन कई बाद ऐसे भी होता है कि लोगों के पास समय नहीं होता है तो वह पैसे दे देते है। जिसके बाद उनकी टीम एक भोजन प्रबंध के जरिए खाने को बनवाते है। जिसके बाद उनकी टीम के द्वारा वह खाना गरीबों को खिलाया जाता है।

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