Online se Dil tak

क्या आम जनता अपने आप को सुरक्षित महसूस करती है या नहीं …

जिले में दिन-प्रतिदिन बढ़ते क्राइम के चलते लोगों में भह बना हुआ है। अगर हम आंकड़े की बात करें तो पिछले कुछ दिनों में चोरी, हत्या, सुसाइड व रेप आदि के कई मामले सामने आए हैं।

लेकिन उसके बावजूद भी फरीदाबाद पुलिस का मानना है कि जिले में क्राइम का ग्राफ कम हो गया है।

क्या आम जनता अपने आप को सुरक्षित महसूस करती है या नहीं ...
क्या आम जनता अपने आप को सुरक्षित महसूस करती है या नहीं ...

कहना है कि लगे रहो फरीदाबाद पुलिस इसके अलावा वह यह भी कहते हैं जो क्राइम का ग्राफ कम हुआ है वह आम जनता की सतर्कता और पुलिस के प्रोएक्टिव रहने के चलते हुआ है उनका मानना है कि पुलिस और आम जनता जब तक हम साथ साथ हैं किनारे से चलेगी तो जिले में क्राइम का ग्राफ का कम हो जाएगा।

क्या आम जनता अपने आप को सुरक्षित महसूस करती है या नहीं ...

फरीदाबाद पुलिस के द्वारा ट्विटर पर ट्वीट करके लोगों को बताया है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल अभी तक चोरी, स्नैचिंग, सेंधमारी व वाहन चोरी की घटनाएं काफी कम हुई है। लेकिन क्या हत्या, सुसाइड और रेप के मामले भी कम हुए हैं।

फरीदाबाद पुलिस के अनुसार यह भी मानना है कि पिछले साल फरवरी तक चार डकैती की घटनाएं हुई थी लेकिन इस साल अभी तक एक भी डकैती नहीं हुई है। फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि क्राइम का ग्राफ जो काम हुआ है वह लोगों की सतर्कता और पुलिस के प्रोएक्टिव रहने के चलते हुआ है।

क्या आम जनता अपने आप को सुरक्षित महसूस करती है या नहीं ...
क्या आम जनता अपने आप को सुरक्षित महसूस करती है या नहीं ...

अगर हम आंकड़ों की बात करें जो पुलिस के द्वारा ट्विटर पर दिखाए गए हैं। तो उनके अनुसार 1 जनवरी से 13 फरवरी 2020 तक लूट की 5 घटनाएं हुई है। वहीं साल 2021 में 13 फरवरी तक 2 घटनाएं हुई है। डकैती की बात की जाए तो पिछले साल 13 फरवरी तक 4 डकैती को अंजाम दिया गया था। लेकिन इस साल अभी तक कोई भी ऐसा मामला सामने नहीं।

स्नैचिंग की बात की जाए तो पिछले साल 50 मामले आए थे। लेकिन इस साल 18 मामले आए हैं। पिछले साल सेंधमारी के 110 नाम ले सामने आए थे। लेकिन इस साल मात्र 13 आए हैं।

क्या आम जनता अपने आप को सुरक्षित महसूस करती है या नहीं ...
क्या आम जनता अपने आप को सुरक्षित महसूस करती है या नहीं ...

वहीं अगर हम चोरी की बात करें तो पिछले साल 118 केस दर्ज हुए थे। वहीं इस साल अभी तक 58 केस दर्ज हुए हैं। इसके अलावा वाहन चोरी के मामलों में भी गिरावट देखी गई है। पिछले साल 324 वाहन चोरी हुए थे। लेकिन इस साल 262 ही वाहन चोरी के केस दर्ज हुए हैं। इस ट्वीट को 135 लोगों के द्वारा रिट्वीट किया गया है जबकि 162 लोगों के द्वारा लाइक किया गया है।

अगर हमेशा आंकड़ों की बात करें तो तो क्राइम का ग्राफ कम हुआ है। लेकिन अगर हम आम जनता के हिसाब से सोचे तो क्या सच में क्राइम कम हुआ है। पिछले कुछ दिनों से हमने देखा है कि सुसाइड के मामले, रेप के मामले, हत्या के मामले काफी हुए हैं।

उसके बावजूद भी जिले की पुलिस का मानना है कि उनके द्वारा जो कार्य किया जा रहा है। वह सराहनीय है। वह खुद ही अपने कार्य की तारीफ कर रहे हैं। क्या यह आंकड़े जो पुलिस प्रशासन के द्वारा ट्विटर पर दिखाए गए हैं, वह सही है। इसकी कोई पुख्ता रिपोर्ट नहीं है।

क्योंकि जिस तरीके से आए दिन जिले में क्राइम हो रहे हैं। चाहे वह छोटे हो या बड़े उसको देखकर तो ऐसा ही लगता है कि लोगों अभी अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। पुलिस के द्वारा रात के समय गश्त की जाती है, लेकिन उसके बावजूद भी हर रोज 1 से 2 वाहन चोरी होने के दर्ज होते हैं ।

Read More

Recent