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विदेश में जमीन दिलवाने के नाम ठगे करोड़ रूपये, ना जमीन मिली और ना पैसा पुलिस ने दर्ज किया मामला

धोखाधड़ी का मामला आए दिन देखने को मिलता है लेकिन यह मामला भारत का नहीं बल्कि विदेश में जमीन दिलाने को लेकर हुआ है। इस धोखाधड़ी की वजह से पीड़ित को करीब 10 करोड़ की जमीन, 64 लाख रूपये व विदेश वाली जमीन से धोखा खाना पड़ा।


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पलवल निवासी मनीष गोयल ने बताया कि वह पेशे से वकील हैं तथा जमीन जायदाद के खरीद फरोख्त का कार्य भी करता है।

उसके लिए उनके द्वारा एक कार्यालय पंचायत भवन पलवल के नजदीक बनाया हुआ है। उन्होंने बताया कि गांव जोधपुर निवासी आरोपी धर्मपाल को अपने कार्यालय में हिसाब किताब रखने वा देखभाल के लिए रखा हुआ था ।

आरोपित धर्मपाल पर उनको पूरा भरोसा था। मनीष ने बताया कि कार्यालय पर उसके या उसकी पत्नी के हस्ताक्षर किये हुए खाली चैक व जरूरी कागजात रखे रहते थे। जो आरोपित धर्मपाल के पास रहते थे।

न्यू काॅलोनी के रहने वाले आरोपित कपिल अग्रवाल व आरोपित विकास अग्रवाल ने साल 2011 में धर्मपाल के जरिए सम्पर्क में आया। उन्होंने बताया कि आरोपित विकास व आरोपित कपिल आरोपी राजेश अग्रवाल के पुत्र है।

आरोपित विकास व उसकी पत्नी निशा ने उनको बताया कि आरोपी राजेश बड़ा उद्योगपति व कारोबारी है। आरोपित कपिल सीए है तथा जमीनों की खरीदने फरोख्त से सम्बन्धित वित्तिय मामलों व विदेश में जायदाद दिलवाने का एक्सपर्ट है।

आरोपितो ने मनीष से कहा कि अगर आप विदेश में जायदाद लेना चाहते हो तो हम बहुत सस्ती जायदाद आपको विदेश में दिलवा सकते है। मनीष ने विदेश में प्रोपर्टी खरीदने की बावत जब कोई खास रूचि नहीं दिखाई।

परन्तु आरोपित राजेश, विकास व धर्मपली से मिलते रहते थे और बार बार विदेश में प्रोपर्टी खरीदने के लिए कहते रहते थे तथा धीरे धीरे ये सब मिलकर उसको झूठे विश्वास में लेते रहे। सितम्बर 2014 में आरोपितो ने कहा कि एक प्रोपर्टी दुबई में है जोकि 10 करोड़ रूपये में मिल जायेगी वा दो साल के अन्दर ही हम इसे 20 करोड़ रूपये में बिकवा देगें।

उन्होंने कहा कि 10 करोड रूपये का नकद इंतजाम नहीं है। सभी आरोपितो के द्वारा उससे धोखा देकर एक अक्टूबर साल 2014 को 5 लाख रूपये नकद आरोपित राजेश अग्रवाल को अपने दफ्तर पंचायत भवन से प्रहलाद के सामने दे दिए थे। आरोपित राजेश ने बताया कि उसकी पलवल स्थित प्लाट रकबा 200 वर्गगज का फुल फाईल पैमेट का इकरारनामा भी अपने नाम करवा लिया।

अक्तूबर 2014 में उपरोक्त प्लाट का मुख्त्यारनामा भी राजेश अग्रवाल ने तहसील जेवर, जिला गौतमबुद्धनगर मुझ को ले जाकर दुबई में सस्ते में जायदाद खरीदवाने का आश्वासन देकर अपने नाम करवा लिया। एक प्लाट जो सेक्टर 16ए गांव दौलताबाद फरीदाबाद में मनीष ने आवादी के अन्दर खरीदी थी और सारा पैसा विक्रेता को उन्होनें अदा कर दिया था।

उक्त जमीन को निशा गुप्ता के नाम करा लिया और इसकी कीमत करीब 7 करोड़ रूपये थी तथा इसका भी कोई पैसा उन्हें नहीं दिया और यह जायदाद भी धोखें से दुबई में मनीष के नाम प्रोपर्टी खरीदवाने के नाम पर आरोपियों ने आपस में साजबाज होकर अपने नाम करवा ली और इस तरह से दोषीयान ने इस जायदाद को भी आपस में धोखाधडी करके अपने नाम करवा ली।

उनके द्वारा करीब दो करोड़ की कीमत के दो प्लाट जोकि एस आर सी इन्डट्र्रीयल पार्क दूधोला में स्थित है। आरोपिों ने अपने नाम करवा लिया। उन दोनो प्लाटों की बावत भी आरोपी ने कोई पैसा उन्हें नहीं दिया। इसके अलावा दुबई में जायदाद पर स्टाम्प ड्यूटी के नाम पर आरोपी ने 19 लाख रूपये 21 मई साल 2015 को एचडीएफसी बैंक के खाते से आरोपित धर्मपाल ने आधा बैंक के खाते में स्थानांतरित करवा लिए।

पीड़ित ने कहा आरोपितो से कहा कि दबई चलकर जायदाद दिखाओ। जिसके बाद 28 अगस्त साल 2015 को आरोपी उन्हें दुबई ले गया और वहां पर एक रिहायशी जायदाद पाम जुमेरा क्षेत्र में दिखाई। उन्होंने कहा कि इसकी कीमत 10 करोड़ रूपये से ज्यादा है आप इसको ले लो और कहा कि इसका मालिक वा कागजात भारत में ही हैं और उसके बाद आरोपी 30 अगस्त साल 2015 को वापिस भारत आ गए।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के कहने पर 6 नवंबर साल 2015 और 30 नवंबर साल 2015 को 20- 20 लाख रूपये खाते में और स्थानांतरित करवा दिये। इस तरह से आरोपितो ने मिलीभगत करके व करीब 10 करोड़ की जायदाद और 64 लाख रूपये हड़प लिया। आरोपियों के द्वारा ना तो दुबई वाली जायदाद उनके नाम करवाई और ना ही प्रार्थी को उसकी 10 करोड़ रूपये की जायदाद व 64 लाख रूपये दिए।

उन्होंने बताया कि आरोपितो से जोर देकर कहा कि या तो उसकी प्रोप्टी वा नगदी वापिस करों या दुबई वाली जायदाद मेरे नाम कराओं । लेकिन आरोपितो के द्वारा धमकी दी कि अगर तुमने हमसे नकदी व जायदाद वापिस मांगी तो हमारे पास तुम्हारे व तुम्हारी पत्नी के हस्ताक्षर किये हुये बहुत सारे चैक है।

उन्हें आरोपित उनके खिलाफ इस्तेमाल करेगें तथा अपने आदमियों से उनके खिलाफ झूठे मुकदमे डालकर उन्हें ही अंदर फंसा देंगें। मनीष ने बताया कि उनको पता चला है कि आरोपित अपने लोगो को उनके हस्ताक्षर किए हुए चैक पर मोटी रकम लिखकर धोखाधड़ी करने के लिए उे दिए है।

उन लोगों ने झूठे मुकदमा करके उनको व उनकी पत्नी के खिलाफ डलवा दिया है। इसके अलावा उनको जान से मारने की भी धमकी दी। पुलिस ने सभी आरोपितो के खिलाफ मामला दर्द कर कार्यवाही शुरू कर दी है।

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