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नाम ही नहीं है तो कैसे चुने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को

सरकार के द्वारा बुजुर्गों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा तो शुरू कर दी गई है। लेकिन उस रजिस्ट्रेशन एप और वेबसाइट पर किसी भी स्वास्थ्य केंद्र का नाम दर्शाया नहीं जा रहा है।

उसमें सिर्फ आशा वर्कर केंद्र करके नाम आ रहे है। जिसकी वजह से लोगों को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसीलिए वह ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पा रहे हैं।

नाम ही नहीं है तो कैसे चुने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को
नाम ही नहीं है तो कैसे चुने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को

1 मार्च को देशभर में 60 साल से ऊपर बुजुर्ग और 45 साल से लेकर 59 साल तक के बीमार व्यक्तियों को को वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है। देशभर में इन लोगों की तादाद ज्यादा होने की वजह से सरकार के द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को शुरू किया गया। ताकि बुजुर्ग वह बीमार व्यक्ति अपनी सुविधा के अनुसार अपने आसपास के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीका लगवा सके।

नाम ही नहीं है तो कैसे चुने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को
नाम ही नहीं है तो कैसे चुने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को

इसके लिए उन्होंने आरोग्य सेतु एप और कोविन वेबसाइट के जरिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को शुरू किया है। लेकिन आरोग्य सेतु एप में मोबाइल नंबर, फोटो आईडी प्रूफ, नाम, डेट ऑफ बर्थ भरने के बाद जब स्वास्थ्य केंद्र के चयन के लिए जाते हैं।

तो वहां पर स्वास्थ्य केंद्र के नाम की बजाय आशा वर्कर का नाम शो करता है या फिर यूं कहें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का नाम शो करता है। जैसे कि ऐप में लिखा आता है कि गीता ए डब्ल्यू सी अर्थात गीता आंगनवाड़ी वर्कर सेंटर। इससे अप्लाई करने वाले लोगों को या फिर यूं कहें बुजुर्गों को पता ही नहीं चलता है कि उनके सेंटर का नाम क्या है।

नाम ही नहीं है तो कैसे चुने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को
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जिसकी वजह से वह अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र का चयन नहीं कर पा रहे हैं। इसमें करीब 40 से 50 इसी तरह से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के नाम लिखे हुए हैं। लेकिन किसी भी स्वास्थ्य केंद्र का नाम सही रूप में नहीं लिखा हुआ है। यहां तक कि उसमें सिर्फ एक ही नाम लिखा गया है वह है स्वास्थ्य केंद्र। वह स्वास्थ्य केंद्र कौन सा है। किस जगह पर है कहां है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

जिले में करीब 40 से 50 स्वास्थ्य केंद्र बने हुए हैं। जिनका नाम यूपीएससी, पीएससी, सीएससी के साथ उक्त जगह का नाम जुड़ा होता है। जिससे आम जनता को आसानी से पता चल जाता है कि उनके एरिया में कौन सा स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है। इसके अलावा बीके हॉस्पिटल और ई एस आई सी एनआईटी तीन नंबर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का नाम भी आरोग्य सेतु एप में शो नहीं कर रहा है।

नाम ही नहीं है तो कैसे चुने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को
नाम ही नहीं है तो कैसे चुने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र को

वहां सिर्फ सेक्टर 8 ईएसआई का नाम शो कर रहा है। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ जिले के कई प्राइवेट अस्पतालों में भी बुजुर्गों व बीमार व्यक्तियों को टीका लगाया जा रहा है। लेकिन कौन-कौन से अस्पतालों में टीकाकरण अभियान चल रहा है। इसकी सूचना किसी के पास नहीं है। इसी वजह से आरोग्य सेतु एप पर अभी तक किसी भी प्राइवेट अस्पताल या क्लीनिक का नाम दर्ज नहीं किया गया है।

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जिसकी वजह से बुजुर्ग व बीमार व्यक्ति आरोग्य सेतु ऐप से निजी अस्पताल को चयन नहीं कर पा रहे हैं। इसी वजह से कई बुजुर्गों को टीका लगवाने में देरी हो रही है। नोडल ऑफिसर डॉ रमेश का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में काफी कुछ खामियां है, जिसको दूर करने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। देखना है कि कब तक उन खामियों को दूर किया जा सकता है।

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